रामगंगा पर विकास का पुल

बरेली-दातागंज मार्ग पर रामगंगा नदी पर बनने वाले नए सेतु के लिए योगी सरकार ने 140 करोड़ रुपये मंजूर किए। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के आधार पर पुल की डिजाइन बदली गई है, जिससे यह बाढ़ से सुरक्षित रहेगा।

रामगंगा पर विकास का पुल
HIGHLIGHTS:

➡️ 140 करोड़ रुपये स्वीकृत
➡️ आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट
➡️ पुल की लंबाई बढ़ी
➡️ बाढ़ से रहेगा सुरक्षित
➡️ कनेक्टिविटी होगी मजबूत

जन माध्यम 
बरेली।
गुरुवार को लखनऊ, बरेली, बदायूं और आगरा के बीच यात्रा करने वालों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। बरेली दातागंज मार्ग पर रामगंगा नदी पर प्रस्तावित दातागंज सेतु परियोजना के लिए 140 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दे दी गई है। लंबे समय से अटकी इस महत्वपूर्ण परियोजना को अब वित्तीय समिति की मंजूरी मिल चुकी है। शासनादेश जारी होते ही बजट आवंटन के साथ निर्माण प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा। पुल की मजबूती और भविष्य में बाढ़ की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ इंजीनियरों से विस्तृत तकनीकी अध्ययन कराया गया था। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सेतु की लंबाई बढ़ाने की सिफारिश की गई, जिसे स्वीकार करते हुए अब दातागंज सेतु की कुल लंबाई 850 मीटर निर्धारित की गई है। इससे न केवल पुल, बल्कि उसके पहुंच मार्ग भी सुरक्षित रहेंगे और आवागमन निर्बाध होगा।
उल्लेखनीय है कि रामगंगा नदी पर 700 मीटर लंबा पुल पहले ही 42 करोड़ रुपये की लागत से बनकर अप्रैल 2023 में चालू हो गया था, लेकिन चार महीने बाद आई बाढ़ में उसके पहुंच मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे पुल को बंद करना पड़ा। इसके बाद शासन स्तर पर पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा की गई और तकनीकी समाधान के साथ परियोजना को नए सिरे से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता के.के. सिंह के अनुसार, पुनर्निर्माण और विस्तार के लिए तैयार एस्टीमेट का वित्तीय समिति ने चरणबद्ध परीक्षण किया। सभी आपत्तियों के समाधान के बाद अब परियोजना को अंतिम स्वीकृति मिल गई है। नई तकनीक के उपयोग से सेतु का निर्माण तेज़ी से किया जाएगा और शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
सेतु के निर्माण से बदायूं, बरेली और लखनऊ के बीच आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज़ होगा, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत आधार