बहेड़ी के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सैय्यद शमशाद अली का निधन

बहेड़ी के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गन्ना समिति अध्यक्ष सैय्यद शमशाद अली का 90 वर्ष की उम्र में निधन, किसानों और समाज के लिए योगदान यादगार।

बहेड़ी के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सैय्यद शमशाद अली का निधन
HIGHLIGHTS:

➡️ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सैय्यद शमशाद अली का निधन, उम्र 90 वर्ष
➡️ दो बार गन्ना समिति के अध्यक्ष रहे, किसानों के अधिकारों के लिए सक्रिय
➡️ नगर विकास और शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान
➡️ पत्रकार मोहम्मद शोएब के पिता, बहेड़ी में सुपुर्दे-खाक
➡️ नगर और कांग्रेस के लिए एक बड़ी क्षति, योगदान को याद किया गया

मुम्ताज़ अली/ जन माध्यम

बहेड़ी (बरेली)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गन्ना समिति अध्यक्ष सैय्यद शमशाद अली का शुक्रवार रात को निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे और कई दिनों से बीमार चल रहे थे। अपने तेज़ तर्रार अंदाज़ और स्पष्टवादी आवाज़ के लिए मशहूर सैय्यद साहब ने कांग्रेस के कई वर्षों तक सक्रिय योगदान दिया।

सैय्यद शमशाद अली दो बार गन्ना समिति के अध्यक्ष रहे और किसानों के अधिकार, गरीबों के हित तथा नगर के विकास से जुड़े मुद्दों में हमेशा सबसे आगे खड़े रहे। नगर में सुशीला तिवारी कन्या इंटर कॉलेज के निर्माण में उनका अहम योगदान रहा। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी की पत्नी के नाम पर इस सरकारी इंटर कॉलेज की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई।

सैय्यद साहब पत्रकार मोहम्मद शोएब के पिता भी थे। पंजाबी कॉलोनी स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही दूर-दूर से लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। शनिवार को जोहर की नमाज के बाद उन्हें लाइन किनारे स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक किया गया।

सैय्यद शमशाद अली का निधन नगर और कांग्रेस के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके योगदान को याद करते हुए कई वरिष्ठ नेताओं और नागरिकों ने उन्हें किसानों और समाज के लिए किए गए उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। उनका व्यक्तित्व और संघर्षशील नेतृत्व आज भी लोगों की यादों में जीवित है।