न्यायपालिका पर सत्यकाम स्कूल की आस्था
मेरठ के सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल ट्रस्ट विवाद में विद्यालय प्रबंधन ने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास जताया है। सामाजिक संगठनों ने संस्थापक ट्रस्टी अनुज शर्मा के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
➡️ स्कूल ट्रस्ट विवाद पर प्रबंधन का आधिकारिक बयान
➡️ न्यायपालिका पर पूर्ण आस्था व्यक्त की
➡️ संगठनों ने समर्थन में दिखाई एकजुटता
हशमे आलम । जन माध्यम
मेरठ। सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल, लोहिया नगर से जुड़े ट्रस्ट विवाद को लेकर विद्यालय प्रबंधन ने न्यायपालिका पर पूर्ण आस्था व्यक्त करते हुए अपना आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है। इस दौरान मेरठ स्कूल फेडरेशन, बार एसोसिएशन, आर्ट ऑफ लिविंग, रोटरी सहित शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संस्थापक ट्रस्टी एवं प्रबंधक श्री अनुज शर्मा के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सत्यकाम एजुकेशनल ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी, जिसके अंतर्गत सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल वर्ष 2013 से सीबीएसई के नियमों एवं उपनियमों के अनुरूप निरंतर संचालित हो रहा है। पिछले 13 वर्षों से विद्यालय का शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी संचालन विधिवत रूप से संस्थापक ट्रस्टी एवं स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा किया जा रहा है।
ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी श्री अनुज शर्मा, स्वर्गीय ईश्वर सिंह शर्मा एवं श्री गिरीश कुमार शर्मा रहे हैं। प्रबंधन के अनुसार स्वर्गीय ईश्वर सिंह शर्मा के निधन के बाद 10 जून 2024 की एक कथित ट्रस्ट रेज़ोल्यूशन के माध्यम से नए ट्रस्टियों की नियुक्ति का दावा किया गया, जिसे पूरी तरह अप्रमाणिक और जाली बताया गया है। वक्तव्य में कहा गया कि न तो ऐसी कोई वैध बैठक हुई, न नोटिस जारी हुआ और न ही कोरम अथवा सर्वसम्मति बनी।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि विपरीत पक्ष स्वयं यह स्वीकार कर चुका है कि उसने केवल ऋण प्रदान किया है और उसका ट्रस्ट या विद्यालय के संचालन में कोई वैधानिक या प्रशासनिक अधिकार नहीं रहा। इसके बावजूद कथित जाली दस्तावेज़ों के आधार पर विद्यालय कर्मचारियों को परेशान किया गया, बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड एवं प्रशासनिक नियंत्रण में हस्तक्षेप के प्रयास किए गए।
प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय की वेबसाइट, डोमेन, ई-मेल सिस्टम तथा सीबीएसई ओएसिस रिकॉर्ड में अनधिकृत दखल दिया गया, जिससे अभिभावकों और कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति बनी। इसके अतिरिक्त 5 अगस्त और 9 अक्टूबर 2025 को विद्यालय परिसर में अवैध प्रवेश, धमकी, तोड़फोड़ एवं भय का वातावरण उत्पन्न करने की घटनाएँ हुईं, जो सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हैं।
इन घटनाओं के आधार पर 24 अक्टूबर 2025 को थाना लोहिया नगर, मेरठ में एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं विद्यालय प्रबंधन एवं समिति के सदस्यों के खिलाफ काउंटर एफआईआर भी दर्ज कराई गईं। प्रबंधन का कहना है कि ट्रस्ट एवं विद्यालय मेरठ में स्थित होने के बावजूद आगरा में एक समानांतर पूरक ट्रस्ट डीड पंजीकृत कराकर कृत्रिम क्षेत्राधिकार उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। माननीय न्यायालय द्वारा मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए गए हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि विवाद के बावजूद छात्रों की शिक्षा, सुरक्षा और शैक्षणिक भविष्य सर्वोपरि है। विद्यालय नियमित रूप से संचालित हो रहा है और सभी शैक्षणिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से जारी हैं। संस्थापक ट्रस्टी एवं प्रबंधक श्री अनुज शर्मा ने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि वे कानून के अंतर्गत सभी प्रक्रियाओं में पूरा सहयोग कर रहे हैं और न्यायालय के निर्णय का सम्मान करेंगे।
इस अवसर पर संजय गोयल, डॉ. सुमित उपाध्याय, डॉ. शिवकांत अग्रवाल, हरि लाठे, विष्णु शरण, मनोज रस्तोगी, डॉ. विक्रांत राणा, इंजीनियर वी.के. रॉय, राहुल केसरवानी, डी.पी. सिंह सहित लगभग 50 स्कूलों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।