नकली खाद का भंडाफोड़ 450 कट्टे जब्त
बिजनौर में प्रशासन ने नकली खाद के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया। एसडीएम रीतू चौधरी के नेतृत्व में कार्रवाई कर 450 कट्टे जब्त किए गए।
बिजनौर में 450 कट्टे नकली खाद बरामद
एसडीएम रीतू चौधरी के नेतृत्व में हुई बड़ी कार्रवाई
जन माध्यम
बिजनौर। किसानों को ठगने वाले नकली खाद के गिरोह पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध गोदाम से 450 कट्टे नकली खाद के जब्त किए हैं। कृष्णपुरम कॉलोनी, चक्कर मार्ग पर स्थित इस गोदाम में लंबे समय से रिफिलिंग का गोरखधंधा चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर शनिवार को प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारकर इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया। छापेमारी का नेतृत्व सदर एसडीएम रीतू चौधरी ने किया। उनके साथ कृषि विभाग के अधिकारी और पुलिस बल मौजूद थे।
टीम ने जब गोदाम की तलाशी ली तो वहां ब्रांडेड कंपनियों के खाली कट्टे मिले जिनमें घटिया गुणवत्ता की खाद भरकर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि यह खाद GIFC ब्रांड के नाम से बेची जा रही थी, जिससे किसानों को यह असली उत्पाद का भ्रम हो। मौके से करीब 450 कट्टे नकली खाद बरामद किए गए जिन्हें तुरंत सील कर दिया गया।
एसडीएम रीतू चौधरी ने बताया कि नकली खाद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह गोदाम एचपी गैस एजेंसी के पीछे चल रहा था और कई दिनों से इस पर संदेह जताया जा रहा था। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि यहां से अक्सर ट्रैक्टरों और पिकअप वाहनों के जरिए खाद की सप्लाई की जाती थी। फिलहाल, पुलिस ने गोदाम मालिक और इससे जुड़े लोगों की तलाश शुरू कर दी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की नकली खाद फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक होती है, जिससे किसानों की मेहनत और उत्पादन दोनों पर बुरा असर पड़ता है। इस घटना के बाद जिलेभर में विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल प्रमाणित खाद ही बेचें और स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखें।जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आगे और अवैध गोदामों और संदिग्ध विक्रेताओं पर छापेमारी की जाएगी।
नकली खाद के कारोबार के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे गिरोहों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी उनकी मेहनत से खिलवाड़ न कर सके।