मथुरा पुलिस ने उठाया टीबी मुक्त भारत अभियान में कदम, ऐसे किया जागरूक
मथुरा। देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए मथुरा पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 35 पुलिसकर्मियों का टीबी परीक्षण किया गया और उन्हें इस बीमारी के लक्षणों व बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में पुलिस हॉस्पिटल प्रभारी डॉ. भूदेव, अधीक्षक टीबी ट्रीटमेंट (नगर) अखिलेश दीक्षित, निश्चल और टीबी हेल्थ विजिटर किशोरचंद ने पुलिसकर्मियों को बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी रहना, खांसी के साथ बलगम या खून आना, रात में पसीना आना, भूख कम लगना और वजन में गिरावट टीबी के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने सभी को जागरूक करते हुए कहा कि इन लक्षणों के दिखने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
डॉ. भूदेव ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में मथुरा पुलिस पूरी तरह से स्वास्थ्य विभाग के साथ है और पुलिसकर्मियों को इस बीमारी के प्रति सतर्क किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।
वहीं पुलिसकर्मियों ने टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक राम रतन सिंह, जनपदीय एंटी रोमियो एवं पुलिस वेलफेयर प्रभारी अलका रानी सहित कई पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।