फरमान मियां का फोर्ब्स में जलवा
बरेली के फरमान मियां को फोर्ब्स 30 अंडर 30 इंडिया-2026 में स्थान, सेवा और सामाजिक प्रभाव को मिली वैश्विक मान्यता।
➡️ फरमान मियां को फोर्ब्स 30 अंडर 30 इंडिया-2026 में स्थान
➡️ सोशल इम्पैक्ट कैटेगरी में वैश्विक पहचान
➡️ इस सूची में शामिल होने वाले पहले मुस्लिम युवा
➡️ धर्म को सेवा और विकास का माध्यम बनाया
➡️ भारत गौरव रत्न समेत कई राष्ट्रीय सम्मान
जन माध्यम। बरेली।
अमेरिकी मैगजीन फोर्ब्स 30 अंडर 30 इंडिया ने उन युवाओं की सूची जारी की है, जो गेमचेंजर हैं। फोर्ब्स की सूची से ये साफ हो गया है कि अब नेतृत्व सिर्फ ग्लैमर या कॉरपोरेट तक सीमित नहीं रहा। आस्था, सेवा और परिणाम प्रभाव के संगम से समाज बदलने वाले बरेली के फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियां को 30 अंडर 30 इंडिया-2026 में शामिल किया गया है। यह न सिर्फ बरेली और उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और एक संदेश है कि धरातल पर काम करने वालों को भी वैश्विक पहचान मिल रही है। इसके साथ ही इस सूची में स्थान पाने वाले फरमान मियां पहले मुस्लिम युवा हैं, जिन्हें इस कैटेगिरी में शामिल कर उनके समाजसेवा के जज्बे जुनून को वैश्विक स्तर पर सम्मान मिला है।
जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव और आला हजरत ताजुश्शरिया वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक फरमान मियां आज बॉलीवुड स्टार्टअप्स उस कतार में खड़े हो गये हैं, जिस सूची में एंटरटेनमेंट बालीवुड से अनन्या पांडे, सिद्धांत चतुर्वेदी, सैंयारा फेम अनीत पड्डा, लक्ष्य लालवानी और स्पोर्ट्स से जसप्रीत बुमराह जैसे चर्चित नाम हैं। फोर्ब्स की सूची में फरमान मियां का चयन सोशल इम्पैक्ट अब सबसे तेज़ उभरती कैटेगरी है। यह वह मंच है जहां असर की गिनती होती है, न कि शोरगुल और हंगामे की। आला हजरत से जुड़े हैं फरमान मियां, लगा रहे शोहरत को चार चांद फरमान मियां आज जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव और आला हजरत तजुश्शरिया वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक हैं। उन्होंने धर्म को विवाद नहीं, विकास का औज़ार बनाया। यही वजह है कि आज देश दुनिया में उनका नाम बड़ी इज्जत से लिया जाता है। वह दरगाह की शोहरत और सम्मान को और चांद लगा रहे हैं, यह हम नहीं कह रहे हैं, ये बोल रहे हैं उनको मिलने वाले सम्मान। मुफ़्त मेडिकल कैंप, मोतियाबिंद, हिप बायपास सर्जरी महिलाओं और वंचित युवाओं के लिए शिक्षा व कंप्यूटर साक्षरता
राहत नहीं, स्थायी समाधान-यही मॉडल उनकी पहचान है।
भारत सरकार ने उन्हें 2023 में भारत गौरव रत्न से नवाज़ा। टीबी-मुक्त अभियान में भूमिका के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, महिला अधिकारों के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग- हर मंच ने उनके काम पर मुहर लगाई। कर्नाटक की भारत यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान को और सशक्त बना दिया।