हरियाली की कमान संजीव मौर्य के हाथ
नगर आयुक्त संजीव मौर्य की पहल से बरेली के पार्कों में ऑटोमेटेड सिंचाई व्यवस्था, पानी बचेगा और हरियाली बढ़ेगी।
➡️ नगर आयुक्त संजीव मौर्य की हरियाली बढ़ाने की पहल
➡️ पार्कों में ऑटोमेटेड वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम लागू
➡️ पायलट प्रोजेक्ट सिविल लाइंस के दो पार्कों से शुरू
➡️ तय समय और नियंत्रित मात्रा में होगी सिंचाई
➡️ 253 पार्कों को सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य
जन माध्यम। बरेली।
जब सोच संवेदनशील हो और निर्णय दूरदर्शी, तब शहर की तस्वीर बदलने लगती है। नगर निगम में यही बदलाव नजर आ रहा है नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के नेतृत्व में, जिन्होंने हरियाली, जल संरक्षण और स्मार्ट सिटी की सोच को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारने का साहसिक काम किया है। उनकी पहल से अब बरेली के पार्क खुद-ब-खुद सिंचित होंगे और हरियाली की रखवाली मशीनें करेंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने शहर के पार्कों में ऑटोमाइज्ड वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया। यह केवल तकनीकी प्रयोग नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और भविष्य की जरूरतों को समझने वाली सोच का प्रतीक है। सिविल लाइंस क्षेत्र के दो पार्कों कमिश्नर आवास के पास स्थित पार्क और नगर निगम कैंपस पार्क से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है। संजीव कुमार मौर्य का मानना है कि पानी की एक एक बूंद अमूल्य है। पारंपरिक सिंचाई व्यवस्था में जहां पानी की बर्बादी होती थी, वहीं अब तय समय पर नियंत्रित मात्रा में पानी दिया जाएगा। इससे पौधे स्वस्थ रहेंगे, घास हरी बनी रहेगी और अनावश्यक खर्च पर भी रोक लगेगी। सबसे खास बात यह है कि मानवीय लापरवाही या अनियमितता की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी बताते हैं कि यह सिस्टम न केवल पानी बचाएगा, बल्कि रखरखाव की लागत भी कम करेगा। नगर आयुक्त का लक्ष्य है कि पायलट प्रोजेक्ट सफल होते ही शहर के सभी 253 पार्कों को इस आधुनिक प्रणाली से जोड़ा जाए।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का यह प्रयास यह साबित करता है कि प्रशासन यदि चाहे तो तकनीक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सौंदर्य और संसाधनों की बचत तीनों को एक साथ साधा जा सकता है। उनकी यह पहल बरेली को न सिर्फ हरा भरा बनाएगी, बल्कि इसे एक स्मार्ट, संवेदनशील और जिम्मेदार शहर की पहचान भी दिलाएगी।