वर्दी का विज़न,जनता का विश्वास

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पुलिस मंथन 2025 का शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन में आधुनिक, संवेदनशील और जनविश्वास आधारित पुलिसिंग पर मंथन किया गया।

वर्दी का विज़न,जनता का विश्वास
वर्दी का विज़न,जनता का विश्वास
वर्दी का विज़न,जनता का विश्वास
वर्दी का विज़न,जनता का विश्वास
HIGHLIGHTS:

➡️ सिग्नेचर बिल्डिंग में पुलिस मंथन 2025 का शुभारंभ
➡️ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन
➡️ बीट पुलिसिंग, महिला-बाल अपराध पर मंथन
➡️ साइबर क्राइम, CCTNS 2.0 और फोरेंसिक पर चर्चा
➡️ 11 विषयगत सत्रों में 45 अधिकारियों के प्रस्तुतीकरण
➡️ डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया लक्ष्य आधारित आयोजन
➡️ आधुनिक, संवेदनशील और जनविश्वास आधारित पुलिसिंग पर जोर

जन माध्यम। लखनऊ।

कानून-व्यवस्था सिर्फ सख़्ती से नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच, दूरदृष्टि और जनविश्वास से मजबूत होती है। इसी भाव के साथ पुलिस मुख्यालय की सिग्नेचर बिल्डिंग में पुलिस मंथन  का शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस विशेष सम्मेलन की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करते हुए उत्तर प्रदेश को एक सुरक्षित आज और सशक्त कल की ओर बढ़ाने का स्पष्ट संदेश दिया।

शनिवार सुबह जब मुख्यमंत्री पुलिस मुख्यालय पहुंचे, तो वातावरण में अनुशासन, गरिमा और जिम्मेदारी का भाव साफ झलक रहा था। डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी पीएसी डॉ. आर.के. स्वर्णकार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि उस भरोसे की प्रतीक थी जो प्रदेश की जनता ने अपनी पुलिस पर जताया है। 27 और 28 दिसंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन के पहले दिन के मॉर्निंग सत्र में बीट पुलिसिंग, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, मानव तस्करी, तथा थाना प्रबंधन और आधुनिकीकरण जैसे विषयों पर गंभीर मंथन हुआ। ये विषय कागज़ी नहीं, बल्कि ज़मीन से जुड़े हैं जहाँ हर निर्णय किसी मां की सुरक्षा, किसी बेटी के आत्मसम्मान और किसी बच्चे के भविष्य से जुड़ा है। अपराह्न सत्र में चर्चा और भी व्यापक तथा भविष्यदृष्टि वाली रही। साइबर क्राइम जैसे नए दौर के अपराध, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, व्यवहार और प्रशिक्षण, प्रॉसीक्यूशन और प्रेजेंस, सीसीटीएनएस 2.0, न्याय संहिता और फोरेंसिक जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिए। यह मंथन स्पष्ट करता है कि यूपी पुलिस बदलते अपराधों के साथ खुद को लगातार अपडेट कर रही है।

सम्मेलन से पहले मीडिया से बातचीत में डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस मंथन 2025 कोई औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई लक्ष्य आधारित रणनीति है। कुल 11 विषयगत सत्रों में 11 वरिष्ठ नोडल आईपीएस अधिकारियों और उनके सहयोगी 45 पुलिस अधिकारी प्रस्तुतीकरण देंगे। हर सत्र का उद्देश्य एक ही है उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक, पेशेवर, जवाबदेह और जनविश्वास से जुड़ी संस्था बनाना।

सम्मेलन में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, फील्ड से एडीजी जोन, आईजी और डीआईजी रेंज, तथा प्रस्तुतीकरण देने वाले अधिकारी मौजूद रहे। कई वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े। मुख्यमंत्री की दोनों दिनों की सक्रिय उपस्थिति को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस मंथन 2025 उस सोच का प्रतीक है जहाँ वर्दी सिर्फ डर का नहीं, बल्कि भरोसे का नाम बनती है। यह सम्मेलन बता रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस सिर्फ अपराध पर नहीं, बल्कि मानवता, तकनीक और विश्वास के संगम पर भविष्य की पुलिसिंग गढ़ रही है जहाँ हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।