घर घर कुंडी खटकाएंगे बीएलओ

बरेली में एसआईआर अभियान के तहत 2003 की मतदाता सूची से लिंक न होने वाले 2,33,441 मतदाताओं को बीएलओ घर-घर जाकर नोटिस देंगे और आवश्यक दस्तावेज तामील कराएंगे।

घर घर कुंडी खटकाएंगे बीएलओ
AI द्वारा काल्पनिक फोटो
HIGHLIGHTS:

➡️ 83 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तैनात
➡️ तहसील, ब्लॉक और नगर निगम में विशेष केंद्र बनाए गए
➡️ ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा
➡️ 13 वैकल्पिक दस्तावेजों से नाम सूची में जोड़ने की व्यवस्था

जन माध्यम। बरेली।

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस अभियान के दौरान वर्ष 2003 की मतदाता सूची में करीब 2,33,441 मतदाताओं का लिंक नहीं मिल पाया है। ऐसे सभी मतदाताओं को अब बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ घर घर जाकर नोटिस तामील कराएंगे, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रशासन ने मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सदर सहित जिले की सभी तहसीलों में 83 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एईआरओ  तैनात किए हैं। इसके साथ ही तहसील, ब्लॉक, नगर निगम, नगर निकाय और नगरपालिकाओं में विशेष केंद्र बनाए जा रहे हैं, जहां मतदाता अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान करा सकेंगे।
एसआईआर अभियान के बाद अब बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीधे मतदाताओं के घर जाकर नोटिस सौंपें और आवश्यक दस्तावेज भी वहीं से प्राप्त करें। बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं के प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया और अधिक सरल व पारदर्शी हो सके। यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पा रहा है, तो उसके लिए 13 वैकल्पिक दस्तावेजों की व्यवस्था की गई है। इन दस्तावेजों के माध्यम से आधार कार्ड के अलावा अन्य प्रमाण देकर भी मतदाता सूची में नाम शामिल कराया जा सकेगा।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले की विभिन्न विधानसभाओं में कुल 34,05,820 गणना प्रपत्र वितरित किए गए थे। इनमें से 1,13,162 मतदाता दिवंगत पाए गए, 2,36,689 मतदाता स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि 2,33,441 मतदाताओं के नाम 2003 की सूची से लिंक न होने के कारण उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि बीएलओ द्वारा दिए जाने वाले नोटिस और दस्तावेजी प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध व अद्यतन हो सके।