मेरठ कॉलेज में राष्ट्रीय खिलाड़ी पर हमला

मेरठ कॉलेज में कंधा टकराने के मामूली विवाद पर राष्ट्रीय खिलाड़ी छात्र को लाठी-डंडों से पीट दिया गया। हमलावरों पर तमंचा तानने का भी आरोप, पुलिस जांच में जुटी।

मेरठ कॉलेज में राष्ट्रीय खिलाड़ी पर हमला
HIGHLIGHTS:

मामूली कंधा टकराने से शुरू हुआ विवाद हिंसा में बदला

राष्ट्रीय खिलाड़ी मुकुल धामा पर लाठी-डंडों से हमला

हमलावरों पर तमंचा तानने और धमकी देने का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जांच जारी

हशमे आलम । जन माध्यम

जिस मैदान में जीत के सपने पसीने से सींचे जाते हैं, उसी परिसर में आज एक खिलाड़ी खून से लथपथ पड़ा था। सवाल सिर्फ एक मुकुल का नहीं, पूरे सिस्टम का है।

मामूली टक्कर, लेकिन हिंसा का तूफान
सोमवार को मेरठ कॉलेज परिसर में एक छोटी सी घटना ने भयावह रूप ले लिया। बीपीईएस प्रथम वर्ष के छात्र और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मुकुल धामा का कॉलेज की गैलरी में एक छात्र से कंधा टकरा गया। यह मामूली बात कुछ ही मिनटों में विवाद में बदल गई। सवाल यह है कि क्या अब शैक्षणिक संस्थानों में इतनी भी सहनशीलता नहीं बची कि एक टक्कर को नजरअंदाज किया जा सके?

बाहर से बुलाए युवक, लाठी-डंडों से हमला

आरोप है कि विवाद के बाद बीएएलएलबी छात्र नमन कुमार ने अपने साथियों को बुला लिया। देखते ही देखते एक दर्जन से ज्यादा युवक कॉलेज परिसर में घुस आए। उनके हाथों में लाठी-डंडे थे और आरोप है कि एक युवक ने तमंचा भी निकाल लिया। खुलेआम हथियार लेकर कॉलेज में घुसना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है—आखिर कॉलेज प्रशासन और सुरक्षा कर्मी उस समय कहां थे?

राष्ट्रीय खिलाड़ी को बेरहमी से पीटा गया

हमलावरों ने मुकुल धामा को चारों तरफ से घेर लिया और लाठी-डंडों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। यह वही मुकुल है जिसने हाल ही में अंतर-महाविद्यालयी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता के लिए चयन पाया था। एक उभरते खिलाड़ी के साथ इस तरह की हिंसा क्या हमारे खेल और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं है?

सीसीटीवी में कैद वारदात, पुलिस जांच में जुटी

घटना कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। अन्य छात्रों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मुकुल को बचाया। घायल छात्र ने लालकुर्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। लेकिन बड़ा सवाल अभी भी बाकी है क्या कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या दोषियों को सख्त सजा मिलेगी? ताकी भविष्य में ऐसी घटना वा हो।