बीडीए की करवाई, कॉलोनी ध्वस्त
बीडीए ने इज्जतनगर क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही 10 बीघा की अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया।
➡️ 10 बीघा में बिना स्वीकृति कॉलोनी विकसित
➡️ सड़क, बाउंड्रीवाल व निर्माण कार्य ध्वस्त
➡️ विशेष कार्याधिकारी अजीत कुमार सिंह ने कार्रवाई की
➡️ बिना मानचित्र स्वीकृति प्लाटिंग/निर्माण पूर्णतः अवैध
➡️ प्राधिकरण की सख्त चेतावनी—भविष्य में अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं
दस बीघा में बिना स्वीकृति भूखण्ड चिन्हांकन और निर्माण पर कार्रवाई,
जन माध्यम
बरेली। थाना इज्जतनगर, बड़ा बाईपास अहलादपुर चौकी के पास लगभग 10 बीघा क्षेत्र में बिना किसी स्वीकृति के भूखण्ड चिन्हांकित कर सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य निर्माण कार्य कर अवैध कालोनी विकसित करने का मामला सामने आया। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने सोमवार को इस अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया है
इस कार्रवाई का नेतृत्व विशेष कार्याधिकारी अजीत कुमार सिंह ने किया। उनके साथ सहायक अभियंता धर्मवीर सिंह, अवर अभियंता संदीप कुमार और प्राधिकरण की पूरी टीम मौजूद रही। टीम ने अवैध निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कानूनी प्रावधानों के अनुसार सभी निर्माण कार्यों को हटाया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का संदेश दिया।प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के अंतर्गत किसी भी भूखण्ड की प्लाटिंग या भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र स्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना मानचित्र स्वीकृत किए गए निर्माण पूर्णतः अवैध होंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।सर्वसाधारण से अपील की गई है कि वे किसी भी भूखण्ड या भवन की खरीद या निर्माण से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति अवश्य लें। मानचित्र अप्रत्याशित रूप से स्वीकृत न होने की स्थिति में खरीदारों और निर्माणकर्ताओं को भविष्य में कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
यह कार्रवाई केवल अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बरेली में नियम और कानून की शक्ति का संदेश भी है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या कालोनी निर्माण पाया गया तो उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाएगी और सभी दायित्व निर्माणकर्ता पर ही होंगे।