जलियांवाला बाग शहीदों को नमन
मथुरा में जलियांवाला बाग की 107वीं वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि, शहीदों की याद में दीपदान कार्यक्रम आयोजित।
जलियांवाला बाग की 107वीं वर्षगांठ मनाई गई
गांधी पार्क में शहीदों को श्रद्धांजलि
दीपदान कर किया गया नमन
लोकतंत्र और आजादी की रक्षा का संकल्प
श्याम बिहारी भार्गव। जन माध्यम
मथुरा। देश की आजादी की नींव में शहीदों का लहू आज भी इतिहास के पन्नों में सिसकता है। जलियांवाला बाग की दर्दनाक यादों को ताजा करते हुए मथुरा में शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
चौक बाजार स्थित गांधी पार्क में जलियांवाला बाग कांड की 107वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शहीदों को नमन किया गया और दीपदान के माध्यम से उनकी स्मृति को जीवंत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय सांप्रदायिकता विरोधी समिति के अध्यक्ष कामरेड शिवदत्त चतुर्वेदी ने कहा कि जलियांवाला बाग कांड ब्रिटिश शासन की क्रूरता का ऐसा उदाहरण था, जिसने पूरे देश में आजादी की लौ को और प्रज्वलित कर दिया। उन्होंने बताया कि अमृतसर में शांतिपूर्ण सभा पर जनरल डायर के आदेश पर की गई गोलीबारी में सैकड़ों लोग शहीद हुए और हजारों घायल हुए।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद पूरे देश में अंग्रेजी शासन के खिलाफ आक्रोश फैल गया। गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने अपना सर का खिताब लौटाकर इस घटना का विरोध जताया और स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा मिली।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने इस कांड को दिल दहला देने वाली घटना बताते हुए कहा कि यह मानवता पर सबसे बड़ा आघात था। उन्होंने कहा कि उस समय अंग्रेजी शासन स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे की आवाज को कुचलने पर आमादा था।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देश की आजादी, अखंडता और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस महामंत्री वैद्य मनोज गौड़ ने किया। इस अवसर पर महेश चौबे, अर्पित जादौन, विपुल पाठक, आदित्य तिवारी, सुशील कुमार सागर, रूपेश धनगर, आशीष अग्रवाल, पूरन सिंह, दीपक वर्मा, अनिल खरे, अनवर फारुकी, सुरेश शर्मा, आकाश शर्मा और योगेश सहित कई लोग उपस्थित रहे।