अखिलेश यादव के PDA नारे को बताया छलावा

बरेली में सामाजिक चेतना मंच के अध्यक्ष अरुण दीक्षित ने अखिलेश यादव के PDA नारे को छलावा बताते हुए इसे सैफई परिवार तक सीमित करार दिया।

अखिलेश यादव के PDA नारे को बताया छलावा
HIGHLIGHTS:

➡️ PDA नारे को बताया छलावा
➡️ सैफई परिवार तक सीमित विकास का आरोप
➡️ अरुण दीक्षित का सपा पर तीखा हमला
➡️ 2024 लोकसभा चुनाव का दिया उदाहरण
➡️ बरेली में जोन स्तरीय गोष्ठी व प्रेस वार्ता
➡️ समरस समाज को राष्ट्र विकास की कुंजी बताया
➡️ कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी रहे मौजूद

जन माध्यम।
हसीन दानिश। (बरेली)। 
बरेली।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को एक छलावा करार देते हुए सामाजिक चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण दीक्षित ने कहा कि यह नारा वास्तव में सैफई परिवार के विकास तक सीमित है। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि सपा से जीते यादव सांसदों में से पांच मुलायम सिंह यादव के परिवार से ही हैं।

भगवान परशुराम सेवा संस्थान द्वारा संचालित सामाजिक चेतना मंच की बरेली जोन स्तरीय संगठन सृजन गोष्ठी एवं प्रेस वार्ता चैतन्य पब्लिक स्कूल, संजय नगर में आयोजित की गई। कार्यक्रम के संयोजन भारतीय कुर्मी-किरार चेतना मंच के प्रदेश अध्यक्ष योगेश पटेल (ब्लॉक प्रमुख, भोजीपुरा) ने किया।

मुख्य अतिथि अरुण दीक्षित ने संगठन की शपथ पत्र बुकलेट का अवलोकन कराते हुए कहा कि मुख्य संरक्षक कलराज मिश्र (पूर्व राज्यपाल) और अपर मुख्य संरक्षक डॉ. दिनेश शर्मा (राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री) के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों में 36 समाजों के पदाधिकारियों को राष्ट्र विकास के लिए सौहार्द और समरसता की शपथ दिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा और मेरठ जोन की यात्रा पूरी हो चुकी है, जबकि बरेली जोन की पांच दिवसीय यात्रा के समापन पर यह आयोजन हुआ।

दीक्षित ने कहा कि समरस समाज ही राष्ट्र उत्थान की कुंजी है। सभी धर्म, पंथ और जातियों को एक मंच पर लाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' सिद्धांत को साकार किया जा सकता है। संगठन का नारा है:

तिलक-तराजू-कलम-तलवार, धनगर-कश्यप-लोधी-कुम्हार,  
धानुक-बंजारा-कोरी-लोहार, तेली-नूनिया, यादव-धुनार।  
गूजर-सोनकर-बढ़ई-सुनार, सैनी-शाक्य-मौर्य-वैसवार।  
नट-बहेलिया-पासी-गिहार, सविता-राजभर-कुर्मी-किरार,  
मुस्लिम-सिंधी-क्रिश्चियन-सदार, हम सबका है एक परिवार।

अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए दीक्षित ने कहा कि PDA का दावा तो पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक और अगड़े तक है, लेकिन वास्तविकता में यह 'फैमिली डेवलपमेंट अलायंस' साबित होता है।

कार्यक्रम संयोजक योगेश पटेल ने कहा कि वे बृज प्रांत की जिम्मेदारी तन-मन-धन से निभाएंगे और शीघ्र बरेली में जोन स्तरीय सम्मेलन आयोजित करेंगे। इसके अलावा करहल (सैफई) में डॉ. धीरज यादव के संयोजन में एक सम्मेलन होगा, जहां अखिलेश के PDA की पोल खोली जाएगी।

आयोजन में ब्राह्मण क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश पाठक, भारतीय धनगर विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र विक्रम, भारतीय अल्पसंख्यक कल्याण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष जमील अहमद, भारतीय दलित उत्थान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राम बाबू सागर, भारतीय कश्यप-निषाद संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कश्यप, भारतीय चित्रांशी महासभा के प्रदेश महासचिव रजनीश सक्सेना, भारतीय वैश्य एकता मंच के प्रदेश महासचिव अमित गुप्ता, भारतीय क्षत्रिय विचार एवं विकास मंच के प्रदेश महासचिव सनी ठाकुर, भारतीय लोधी चेतना मंच के प्रदेश महासचिव निक्की राजपूत, भारतीय पंजाबी महासभा के प्रदेश महासचिव हिमांशू बत्रा, महिला प्रकोष्ठ की महासचिव रश्मि मिश्रा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।