दरकने लगीं रसूख की दीवारें

बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबी आरिफ की जगतपुर और पीलीभीत बाईपास की दो अवैध मार्केट BDA ने 5 घंटे में ध्वस्त कीं। भारी पुलिस बल, लोग तालियां बजाते रहे।

दरकने लगीं रसूख की दीवारें
HIGHLIGHTS:

➡️ तौकीर रजा के करीबी कॉलोनाइजर आरिफ की दोनों अवैध मार्केट 5 घंटे में जमींदोज
➡️ जगतपुर की दो मंजिला मार्केट और पीलीभीत बाईपास का विशाल शोरूम पूरी तरह ढहाया
➡️ बिना नक्शा, बिना इजाजत – सिर्फ रसूख के दम पर खड़ा था साम्राज्य
➡️ सुबह 11 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन, भारी पुलिस बल तैनात
➡️ सीओ पंकज श्रीवास्तव ने खुद संभाली कमान, यातायात रोका गया
➡️ दुकानदारों का माल अंदर फंसा, 30 लाख में बिक चुकी दुकानें भी ढहीं
➡️ लोग दूर से तालियां बजाते रहे – “कानून से बड़ा कोई नहीं”

मौलाना के करीबी का अवैध साम्राज्य ढेर करोड़ों की मार्केट पांच घंटे में मिट्टी में मिली

जन माध्यम 
बरेली।
कभी रसूख की चमक में डूबा मोहम्मद आरिफ… और आज उसकी करोड़ों की अवैध मार्केट की आख़िरी ईंट तक ढहती नजर आई। 26 सितंबर के बवाल में जेल में बंद मौलाना तौकीर रज़ा के बेहद करीबी इस कॉलोनाइजर पर शनिवार सुबह प्रशासन ने ऐसी कार्रवाई की कि पांच घंटे तक बुलडोज़र की गड़गड़ाहट पूरे इलाके में कानून का कड़ा संदेश देती रही।पीलीभीत बाईपास रोड और जगतपुर के दो अवैध भवन जिन्हें आरिफ ने वर्षों तक अपने रसूख की ढाल बनाकर खड़ा कर रखा था आज प्रशासन की सख़्ती के आगे ढह गए। धूल के बादल उड़े, दीवारें भरभराईं, और वह पूरा ‘अवैध साम्राज्य’ मिट्टी में मिलता गया जिसे आरिफ ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए खड़ा किया था।
सुबह 11 बजे जैसे ही बीडीए की टीम मौके पर पहुंची, पूरा इलाका दमदार पुलिस सुरक्षा में बदल चुका था। एसएसपी के निर्देश पर  बारादरी समेत कई थानों की पुलिस पहले से ही चारों ओर घेरा बनाकर खड़ी थी। इस मोर्चे पर सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने खुद कमान संभाली और माइक पर साफ चेतावनी सब लोग दूर रहें… कार्रवाई निरंतर चलेगी… किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं होगी।
यह आवाज़ इलाके में गूंजते ही माहौल बदल गया।और फिर शुरू हुआ ऑपरेशन ध्वस्तीकरण।
जगतपुर की दो मंजिला मार्केट पर जब जेसीबी का पहला वार पड़ा, तो मरमराती दीवारों के साथ आरिफ का रसूख भी चरमराने लगा। पांच घंटे में वह पूरी मार्केट जमींदोज हो चुकी थी। जिस मार्केट को बनाते वक्त आरिफ सड़कें रोककर, गाड़ियां हटवाकर और अपनी दबंगई दिखाकर तामीर कराता था आज उसी मार्केट को ढहते देखने के लिए लोग दूर से तालियाँ बजाते नजर आए। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन ने बताया कि मोहम्मद आरिफ ने जगतपुर में दो मंजिला मार्केट,पीलीभीत बाईपास पर कपड़ों का विशाल शोरूम,
जिम, होम डेकोर सेंटर,और कई दुकानों का सेटअप पूरी तरह बिना नक्शा पास कराए, बिना किसी अनुमति, सिर्फ रसूख के दम पर खड़ा किया था।11 अक्टूबर को दोनों परिसरों को सील किया गया।
और शनिवार को अवैध साम्राज्य को ढाई तिहाई हिस्सों में नहीं… सीधा मिट्टी में मिला दिया गया।जेसीबी ने पीछे की तरफ से वार शुरू किया कुछ ही मिनटों में दीवारें रुई की तरह टूटती चली गईं। जिस मार्केट में रोज हजारों की आवाजाही होती थी, आज वहां सिर्फ धूल का गुबार और ढही हुई दीवारों का मलबा दिखाई दे रहा था। आरिफ ने तीन साल पहले ही जगतपुर की मार्केट में दुकानें 30 लाख रुपये में बेच डाली थीं।
जो दुकानें नहीं बिकीं, उन्हें किराए पर दे दिया—और हर महीने 8–9 हजार रुपये वसूलता था।
दुकानदारों का दर्द यह कि
सीलिंग के वक्त सामान तक निकालने नहीं दिया गया।
लेकिन आज प्रशासन का साफ संदेश गैरकानूनी निर्माण में निवेश करने का मतलब, कानून की मार झेलना। पीलीभीत रोड स्थित उसके शोरूम का भी कोई मानचित्र, कोई रिकॉर्ड, कोई स्वीकृति—कुछ भी नहीं मिला। यानी इमारत से लेकर कारोबार तक सब कुछ ‘कागज़ों में ज़ीरो’, बाहरी दुनिया में ‘हवा में खड़ा साम्राज्य’ था। ध्वस्तीकरण के दौरान पीलीभीत बाईपास पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया।
और सुरक्षा कारणों से आसपास की बिजली सप्लाई भी काट दी गई ताकि कोई दुर्घटना न हो सके।
स्थानीय लोग बोले जिस रौब से बनाया था, उसी रौब की तरह आज गिर गया जगतपुर के एक आदमी ने बताया ढाई साल पहले जब ये मार्केट बन रही थी, तब आरिफ का रुतबा देखकर लोग रास्ता बदल लेते थे। पूछने की हिम्मत तक नहीं थी कि नक्शा पास है भी या नहीं।”
लेकिन आज उसी मार्केट की दीवारें गिरते देख लोगों ने राहत की सांस ली। जिस घमंड के साथ दुकानें बनवाई थीं, आज उसी घमंड की इमारत मिट्टी में मिल गई।
पांच घंटे की कार्रवाई के बाद पूरा अवैध निर्माण जमींदोज हो चुका था। लोगों के चेहरों पर मुस्कान थी और एक संदेश साफ था  कानून से बड़ा कोई नहीं।