बरेली को एक्सप्रेस वे की सौगात

बरेली को पहली बार एक्सप्रेस-वे की सुविधा मिलने जा रही है। गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे से जिला सीधे पूर्वी और पश्चिमी यूपी से जुड़ेगा।

बरेली को एक्सप्रेस वे की सौगात
HIGHLIGHTS:

➡️ बरेली को पहली बार एक्सप्रेस-वे की सौगात
➡️ गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे
➡️ करीब 700 किमी लंबी महत्वाकांक्षी परियोजना
➡️ फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी से गुजरेगा मार्ग
➡️ यात्रा समय में बड़ी कमी की उम्मीद
➡️ व्यापार, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
➡️ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
➡️ तीन जिलों में ADM, लखीमपुर में SDM नियुक्त
➡️ पूर्वी से पश्चिमी यूपी का सीधा संपर्क
➡️ बरेली विकास मानचित्र में ऐतिहासिक कदम

जन माध्यम। बरेली।

जिले में सड़क नेटवर्क को नई मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। दो राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े होने के बावजूद अब तक एक्सप्रेस वे की सुविधा से वंचित रहे बरेली को अब गोरखपुर शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस वे की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ते हुए आवागमन, व्यापार और निवेश की संभावनाओं को नई गति देगी।
करीब 700 किलोमीटर लंबा यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बरेली मंडल के तीन जिलों से होकर गुजरेगा। बरेली जिले में इसका मार्ग फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी तहसील क्षेत्रों के कई गांवों से निकाला गया है। इसके निर्माण से न केवल यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र उत्थान को भी बल मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत जिलों में अपर जिलाधिकारी को काला कंपिटेंट अथॉरिटी फॉर लैंड एक्विजिशन नियुक्त किया गया है, जबकि लखीमपुर खीरी में यह जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी को सौंपी गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा प्रारंभिक सर्वे के बाद जिला प्रशासन को अधिकारियों की सूची भेजी गई थी, जिसके आधार पर नियुक्तियां की गईं। यह एक्सप्रेस वे गोरखपुर से शुरू होकर बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, सीतापुर और लखीमपुर होते हुए पीलीभीत के बीसलपुर, शाहजहांपुर के पुवायां से गुजरकर बरेली पहुंचेगा। यहां से यह रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ होते हुए शामली तक जाएगा। चयनित भूमि को पहले थ्री ए के तहत अधिसूचित किया जाएगा, जिसके बाद एक वर्ष तक जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी। थ्री-डी घोषित होते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह प्रारंभ हो जाएगी। यह परियोजना बरेली के विकास मानचित्र में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।