बरेली: शाहदाना वली दरगाह में पसमंदा मंच ने की चादरपोशी

बरेली की प्रसिद्ध कुतुब शाहदानावली सरकार दरगाह पर हिंदुस्तानी पसमंदा मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष शारिक अब्बासी के नेतृत्व में चादरपोशी की गई।

बरेली: शाहदाना वली दरगाह में पसमंदा मंच ने की चादरपोशी
बरेली की कुतुब शाहदानावली सरकार दरगाह में हरी चादर लेकर खड़े शारिक अब्बासी और अन्य सेवादार।
HIGHLIGHTS:

सौहार्द की मिसाल: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्म दिवस के मौके पर बरेली की ऐतिहासिक दरगाह में हुआ दुआख्वानी का आयोजन।

पसमंदा मंच की पहल: प्रदेश उपाध्यक्ष शारिक अब्बासी की अगुवाई में उमड़े पदाधिकारी, सूबे में अमन-चैन की कामना की।

दरगाह प्रशासन की मौजूदगी: शाहदाना वली सरकार के प्रबंधक अब्दुल वाजिद नूरी की देखरेख में पूरी हुई चादरपोशी की रस्म।

जन माध्यम

बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्म दिवस के अवसर पर बरेली में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता की एक अनूठी झलक देखने को मिली। हिंदुस्तानी पसमंदा मंच के बैनर तले मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्ध जनों ने सूबे के मुखिया की लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य के लिए सूफी संत के आस्ताने पर हाजिरी दी। मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष शारिक अब्बासी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर की ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र मानी जाने वाली कुतुब शाहदानावली सरकार दरगाह पर पहुंचकर पूरे अकीदत के साथ चादरपोशी की।

तरक्की और भाईचारे के लिए उठे हाथ

दरगाह परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान न केवल मुख्यमंत्री की दीर्घायु की कामना की गई, बल्कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास, और समाज में आपसी भाईचारे को और मजबूत करने के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए शारिक अब्बासी ने कहा कि देश और प्रदेश की असली ताकत यहां का आपसी ताना-बाना और सौहार्द है। इसे बनाए रखना हर नागरिक का पहला कर्तव्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की बधाई संदेश भेजते हुए उनके पिछले कार्यकाल और वर्तमान नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज बिना किसी भेदभाव के जन-जन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है।

आस्ताने पर उमड़े अकीदतमंद

तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दरगाह के मुख्य परिसर में स्थित प्राचीन पवित्र वृक्ष के सामने सभी लोग बेहद अदब के साथ खड़े हैं। सूफियाना लिबास और टोपियां पहने हुए इन अकीदतमंदों के हाथों में हरे और सुनहरे रंग की मखमली चादर है, जिसे आस्ताने पर अदब के साथ पेश किया गया।

इस चादरपोशी और दुआख्वानी के कार्यक्रम को सफल बनाने में दरगाह शाहदाना वली सरकार के प्रबंधक अब्दुल वाजिद नूरी ने मुख्य भूमिका निभाई। उनके साथ ही हिंदुस्तानी पसमंदा मंच और स्थानीय सामाजिक हलकों से जुड़े तमाम लोग मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से तारिक कुरैशी, आलम कुरैशी, शफ्फात हुसैन, अली, सलीम खान, साजिद बेग, जैद, हसीब अंसारी, आजम और अनीस सकलैनी ने भी मुख्यमंत्री के सफल और दीर्घायु जीवन की कामना की।