हाथरस: पिंकी रबड़ और श्री जी समूह पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, RTI कार्यकर्ता एसोसिएशन ने ED व राज्यपाल से की SIT जांच की मांग
हाथरस के प्रमुख औद्योगिक समूह पिंकी रबड़ उद्योग और श्री जी समूह पर मनी लॉन्ड्रिंग और बेनामी संपत्तियां अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता एसोसिएशन ने ईडी और राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर एसआईटी जांच की मांग की है।
'पिंकी रबड़ उद्योग' और 'श्री जी समूह' पर संगठित आर्थिक अपराध व टैक्स चोरी के आरोप।
श्री जी फार्म हाउस में करोड़ों की आय छिपाकर जीएसटी और आयकर चोरी की आशंका।
पी.सी. शर्मा। जन माध्यम
हाथरस। सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता एसोसिएशन ने हाथरस के एक प्रमुख औद्योगिक समूह 'पिंकी रबड़ उद्योग' और 'श्री जी समूह' के खिलाफ संगठित आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियां अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को गोपनीय ज्ञापन भेजकर विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है।
टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों का आरोप
एसोसिएशन के अनुसार, समूह की इकाई ‘श्री जी फार्म हाउस’ में हर वर्ष 150 से अधिक आयोजन होते हैं, जिनसे करोड़ों रुपये की आय होती है। लेकिन इसे आधिकारिक रिकॉर्ड में बेहद कम दर्शाकर आयकर और जीएसटी की भारी चोरी की गई है। इसके अलावा सासनी तहसील के दयानतपुर क्षेत्र में भूमि खरीद को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि रजिस्ट्री मूल्य और वास्तविक लेनदेन में भारी अंतर है तथा नकद भुगतान के जरिए काले धन को खपाया गया है। आरोप यह भी है कि परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर बड़ी मात्रा में कृषि भूमि खरीदकर सीलिंग कानून का उल्लंघन किया गया है।
नोटबंदी और फर्जी आईटीसी का खेल
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि नोटबंदी के दौरान श्रमिकों के नाम पर बड़ी संख्या में बैंक खाते खोलकर अवैध धन को वैध बनाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही फर्जी बीमा क्लेम और बिना माल की आपूर्ति किए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने जैसी गंभीर वित्तीय अनियमितताएं भी की गईं।
कार्रवाई न होने पर उठाए सवाल
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत भेजे जाने के कई महीने बाद भी स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यहां तक कि औद्योगिक भूखंड पर अवैध निर्माण के खिलाफ जारी ध्वस्तीकरण आदेश के बावजूद कार्रवाई रुकी हुई है।
SIT जांच की मांग
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए ईडी और आयकर विभाग के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एसआईटी का गठन किया जाए। उन्होंने समूह से जुड़े वित्तीय लेनदेन का विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट कराने और कथित बेनामी संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है। वार्ष्णेय ने दावा किया कि उनके पास आरटीआई के तहत प्राप्त सभी पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं और वे किसी भी उच्चस्तरीय जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।