विश्व पर्यावरण दिवस पर सेंथल में रोपे गए नवीन पौधे, संरक्षण का लिया संकल्प
सेंथल में विश्व पर्यावरण दिवस पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण। भाजपा मंडल अध्यक्ष ब्रह्मदत्त अवस्थी के नेतृत्व में बूथ स्तर पर जुटे कार्यकर्ता।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित विश्व पर्यावरण दिवस पर सेंथल में व्यापक स्तर पर चलाया गया पौधारोपण अभियान।
भाजपा शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर 'एक पेड़ माँ के नाम' मुहिम के तहत बूथ स्तर पर बांटे और रोपे गए नवीन पौधे।
मंडल अध्यक्ष ब्रह्मदत्त अवस्थी के नेतृत्व में तीनों सेक्टर संयोजकों और बूथ अध्यक्षों ने लिया पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प।
सरफराज़ खान/जन माध्यम
बरेली। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आधिकारिक दिवस 'विश्व पर्यावरण दिवस' (5 जून) के अवसर पर नगर पंचायत सेंथल में पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर भारी जागरूकता देखी गई। वैश्विक स्तर पर ग्लोबल वार्मिंग, समुद्री प्रदूषण और वन्यजीव अपराध जैसे गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों पर जन-जागृति लाने के उद्देश्य से हर साल मनाए जाने वाले इस दिवस पर इस बार स्थानीय स्तर पर व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया गया।
सेंथल नगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शीर्ष नेतृत्व के विशेष आह्वान पर शुरू की गई देशव्यापी मुहिम 'एक पेड़ माँ के नाम' के अन्तर्गत पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का सामूहिक बीड़ा उठाया गया। यह पूरा अभियान भाजपा मंडल अध्यक्ष ब्रह्मदत्त अवस्थी के कुशल नेतृत्व में बेहद योजनाबद्ध तरीके से संपन्न हुआ।
अभियान के तहत नगर के तीनों सेक्टर संयोजकों और विभिन्न बूथ अध्यक्षों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने-अपने निर्धारित बूथ स्तरों पर जाकर नवीन पौधों का रोपण कराया। कार्यकर्ताओं ने न केवल सार्वजनिक स्थलों, बल्कि घरों के आसपास भी खाली जमीनों पर छायादार और औषधीय पौधे लगाए।
पर्यावरण दिवस की महत्ता को समझते हुए जमीनी स्तर पर एक कार्यकर्ता रोपे गए नवीन पौधे की जड़ में घड़े (पारंपरिक पात्र) से पानी देकर उसे जीवन दे रहा है। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे केवल पौधा लगाएंगे ही नहीं, बल्कि उसके बड़े होने तक उसकी सुरक्षा और सिंचाई की पूरी जिम्मेदारी भी उठाएंगे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने विश्व पर्यावरण दिवस के गौरवशाली इतिहास को भी याद किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में गहन चर्चा के बाद इस दिवस को मनाने की घोषणा की गई थी। इसके उपरांत, 5 जून 1973 को दुनिया का पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था। आज यह सार्वजनिक आउटरीच के लिए एक ऐसा वैश्विक मंच बन चुका है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देश मिलकर ग्लोबल वार्मिंग और टिकाऊ विकास जैसे विषयों पर काम करते हैं।
इसी वैश्विक भावना को आत्मसात करते हुए सेंथल के भाजपा मंडल अध्यक्ष ब्रह्मदत्त अवस्थी ने कहा कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए हर नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गैर सरकारी संगठनों, समुदायों और स्थानीय नागरिकों ने धरती को प्रदूषण मुक्त बनाने और पर्यावरण की रक्षा करने की सामूहिक शपथ ली।