बरेली में डिप्टी सीएम केशव मौर्य की समीक्षा बैठक, 37 योजनाओं पर अधिकारियों से जवाब-तलब

बरेली में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और 37 सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। लंबित शिकायतों और सुस्त विभागों पर भी जवाब-तलब हुआ।

बरेली में डिप्टी सीएम केशव मौर्य की समीक्षा बैठक, 37 योजनाओं पर अधिकारियों से जवाब-तलब
HIGHLIGHTS:

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बरेली में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

37 सरकारी योजनाओं, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा।

लंबित शिकायतों और लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों से जवाब-तलब।

जन  मधाम्य
बरेली।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों, राजस्व मामलों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विभागवार समीक्षा की जा रही है। बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रमुख मौजूद हैं।

समीक्षा के दौरान सरकार की 37 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों से योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, बजट व्यय, निर्धारित लक्ष्य और लाभार्थियों से संबंधित अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया।

बैठक में निर्धारित समय सीमा के बावजूद अधूरी पड़ी विकास परियोजनाओं पर भी अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा रहा है। लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों से देरी के कारण पूछे जा रहे हैं और कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

समीक्षा के केंद्र में आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित 37 योजनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा जनवरी 2026 से अब तक उपमुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी विभागवार समीक्षा की जा रही है। लंबित मामलों की स्थिति और उनके समाधान में हो रही देरी पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, समीक्षा के दौरान जिन विभागों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं। इसलिए यह बैठक जिले के प्रशासनिक अमले के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।