दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद में हिंदू राष्ट्र और सनातन बोर्ड समेत पास हुए 5 ऐतिहासिक प्रस्ताव

नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय संरक्षक रूप सिंह नागर के संरक्षण में अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद संपन्न हुई। स्वामी चक्रपाणि महाराज की अध्यक्षता में साधु-संतों ने हिंदू राष्ट्र और सनातन बोर्ड के गठन समेत 5 प्रस्ताव पास किए।

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद में हिंदू राष्ट्र और सनातन बोर्ड समेत पास हुए 5 ऐतिहासिक प्रस्ताव
HIGHLIGHTS:

अंतरराष्ट्रीय संरक्षक रूप सिंह नागर के संरक्षण में देश-विदेश के सैकड़ों साधु-संतों, पीठाधीश्वरों और जगद्गुरुओं का दिल्ली में समागम।

धर्म संसद में हिंदू राष्ट्र की घोषणा और वक्फ बोर्ड की तर्ज पर 'सनातन बोर्ड' के गठन समेत पांच अहम प्रस्ताव आम सहमति से पारित।

स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा- जैसे करोड़ों रामभक्तों के संघर्ष से भव्य राम मंदिर बना, वैसे ही श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का समय आ गया है।

श्याम बिहारी भार्गव / जन माध्यम
नई दिल्ली।
देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक तालकटोरा स्टेडियम में 'अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद' का भव्य और आध्यात्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय संरक्षक रूप सिंह नागर के संरक्षण में आयोजित इस विशाल महासमागम में भारत सहित विदेशों से आए अनेकों पूज्य साधु-संतों, महामंडलेश्वरों, आचार्यों, पीठाधीश्वरों और जगद्गुरुओं ने हिस्सा लिया। धर्म संसद के मंच से सर्वसम्मति से पांच ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किए गए हैं, जिन्हें केंद्र सरकार को आधिकारिक विचारार्थ रजिस्टर्ड डाक (पंजीकृत डाक) के माध्यम से भेजा जा रहा है।

धर्म संसद में पारित हुए ये 5 मुख्य प्रस्ताव:

  1. माखन-मिश्री का भोग: श्री कृष्ण जन्म स्थान पर ठाकुर जी को नियमित रूप से माखन और मिश्री का पारंपरिक भोग लगाया जाए।

  2. गौघृत का दीपक: जहां कन्हैया का प्राकट्य (जन्म) हुआ, उस गर्भगृह वाले पावन स्थान पर केवल शुद्ध देसी गौ माता के घी का अखंड दीपक प्रज्ज्वलित किया जाए।

  3. गंगाजल से शुद्धिकरण: श्री कृष्ण जन्म स्थान परिसर को पवित्र गंगाजल से धोकर पूरी तरह शुद्ध और पवित्र किया जाए।

  4. सनातन बोर्ड का गठन: देश के मठ-मंदिरों की सुरक्षा और सनातन हितों के संरक्षण के लिए केंद्रीय 'सनातन बोर्ड' का गठन हो।

  5. हिंदू राष्ट्र की मांग: भारत को संवैधानिक रूप से 'हिंदू राष्ट्र' घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई गई।

तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि तालकटोरा स्टेडियम का मुख्य मंच पूरी तरह भगवामय और आध्यात्मिक आभा से दीप्तिमान है। अखिल भारत हिंदू महासभा के अध्यक्ष एवं जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज और जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता महंत नारायण गिरी जी महाराज मंच की अग्रिम पंक्ति में मंचासीन हैं। उनके आस-पास विभिन्न अखाड़ों के महामंडलेश्वर और देश-विदेश से आए बौद्ध, जैन व सनातनी संत पारंपरिक वेषभूषा में बैठे हैं। मंच की यह भव्यता और संतों की एकजुटता इस धर्म संसद के बड़े राष्ट्रीय प्रभाव की गवाही दे रही है।

कार्यक्रम की मुख्य अध्यक्षता कर रहे अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने खचाखच भरे स्टेडियम को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार करोड़ों रामभक्तों के सदियों लंबे संघर्ष, त्याग और अद्वितीय बलिदान से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ, ठीक उसी प्रकार अब मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि की पूर्ण मुक्ति का समय भी आ चुका है। संपूर्ण हिंदू समाज इस संकल्प की सिद्धि के लिए संतों के नेतृत्व में तैयार है। कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता कर रहे महंत नारायण गिरी जी महाराज ने भी सनातन की रक्षा के लिए एकजुटता पर विशेष बल दिया।

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर फलाहारी महाराज, जैन संत डॉ. लोकेश मुनि, स्पेन से आए महंत उमेश योगी जी महाराज, नासिक वाले जगद्गुरु रामकृष्ण महाराज, जगद्गुरु भैया जी महाराज और अरुण कृष्ण जी महाराज उपस्थित रहे। इनके साथ ही महामंडलेश्वर चंद्रेश जी महाराज, महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण महाराज, महामंडलेश्वर राधा नंद गिरी, महामंडलेश्वर रामदास महाराज, गुरु माँ सरिता गिरी जी तथा चित्रगुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद जी महाराज सहित कई उच्च कोटि के संतों ने मंच की शोभा बढ़ाई। पूरे भव्य कार्यक्रम का कुशल और सफल संचालन नवल किशोर गिरी महाराज द्वारा किया गया।

संसद को सफल बनाने में न्यास के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रवीण शर्मा, अश्विनी कुमार, आशु चौहान, अनीता सिंह, मनीष बंसल (दिल्ली), गिर्राज वाल्मीकि, कंचन गुप्ता, आशुतोष शर्मा और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सनी सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य, हेमंत पांडे, गुंजन शर्मा, सूर्य प्रकाश शर्मा, सुनील त्यागी, अनिल कुमार गुप्ता, आशुतोष कुमार, सत्यम नागपाल (हरियाणा), अरुण कुमार, वाई.के. राय, जगदीश जी, आनंद तोमर (मथुरा) और सचिन कुमार सहित देश के कोने-कोने से आए हजारों सनातन धर्मावलंबी और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनके जयकारों से पूरा स्टेडियम गूंज उठा।