मुख्यमंत्री दौरे पर हाउस अरेस्ट का कांग्रेस का आरोप
हाथरस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान कांग्रेस नेता चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने दो दिन हाउस अरेस्ट रखने का आरोप लगाया। पुलिस को जनहित से जुड़े मुद्दों का ज्ञापन भी सौंपा गया।
कांग्रेस नेता चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने दो दिन हाउस अरेस्ट रखने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री को जनहित के मुद्दों पर ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।
पुलिस का कहना है कि ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया।
जन माध्यम
हाथरस। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथरस दौरे के दौरान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं कासगंज जिला कांग्रेस के समन्वयक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने आरोप लगाया कि उन्हें दो दिनों तक उनके आवास पर हाउस अरेस्ट रखा गया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री को जनहित से जुड़े मुद्दों का ज्ञापन सौंपने से रोकने के उद्देश्य से की गई।
चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले वह सिकंद्राराऊ में अधिवक्ताओं के धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद कासगंज में आयोजित कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में भाग लेकर देर रात हाथरस लौटे, जहां पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
कांग्रेस नेता का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करना नहीं था, बल्कि छात्रों, अधिवक्ताओं, किसानों, युवाओं और हाथरस की विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपना था। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है।
उनके अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हाउस अरेस्ट का विरोध करने पर पुलिस अधिकारियों से उनकी बातचीत हुई। बाद में पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वारा ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिए जाने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन पुलिस को सौंप दिया।
ज्ञापन में प्रतियोगी परीक्षाओं को पेपर लीक मुक्त बनाने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, अधिवक्ताओं की लंबित मांगों के समाधान, किसानों की समस्याओं के निराकरण, युवाओं के रोजगार, हाथरस में राजकीय मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना तथा सड़क, पेयजल, बिजली, सफाई और सीवर व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें शामिल थीं।
चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि कांग्रेस आगे भी गांधीवादी और लोकतांत्रिक तरीके से जनहित के मुद्दे उठाती रहेगी। वहीं, इस मामले में पुलिस की ओर से केवल इतना कहा गया कि ज्ञापन संबंधित स्तर तक पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।