50 लाख के कथित कर घोटाले से जुड़े निलंबित कर्मचारी की मौत, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

पीलीभीत के बीसलपुर में 50 लाख रुपये के कथित कर घोटाले से जुड़े निलंबित कर्मचारी उपेंद्र शर्मा का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने कथित सुसाइड नोट बरामद कर जांच शुरू कर दी है।

50 लाख के कथित कर घोटाले से जुड़े निलंबित कर्मचारी की मौत, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
HIGHLIGHTS:

• 50 लाख रुपये के कथित कर घोटाले से जुड़े निलंबित कर्मचारी का शव घर में फंदे से मिला।

• घटनास्थल से पांच पन्नों का कथित सुसाइड नोट मिलने का पुलिस का दावा।

• पुलिस ने जांच शुरू की, जबकि नामजद अधिकारियों ने आरोपों को किया खारिज।

जन माध्यम
पीलीभीत।
बीसलपुर नगर पालिका के चर्चित 50 लाख रुपये के कथित कर घोटाले से जुड़े निलंबित कर्मचारी उपेंद्र शर्मा का शव मंगलवार को उनके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मौके से पांच पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है।

उपेंद्र शर्मा बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद के निवासी थे। वर्ष 2004 में पिता के निधन के बाद उन्हें मृतक आश्रित कोटे के तहत नगर पालिका में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में नियुक्ति मिली थी। वर्ष 2025 में नगर पालिका के कर अनुभाग से जुड़े 50 लाख रुपये के कथित कर घोटाले में उनका नाम सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में फरवरी 2026 में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। जमानत पर रिहा होने के बाद से परिजनों के अनुसार वह मानसिक तनाव में थे।

पुलिस का कहना है कि बरामद कथित सुसाइड नोट में उपेंद्र शर्मा ने अपनी मौत के लिए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शमशेर सिंह और प्रधान लिपिक अकरम खां को जिम्मेदार ठहराते हुए कई आरोप लगाए हैं। नोट में दावा किया गया है कि उन्होंने अधिकारियों के कहने पर 18 लाख रुपये की व्यवस्था कर जमा किए थे, लेकिन न तो उन्हें उसकी रसीद दी गई और न ही नौकरी बहाल की गई। इसके अलावा बहाली के नाम पर लगातार धन की मांग और मानसिक उत्पीड़न किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।

मृतक के भाई अनुराग शर्मा ने भी आरोप लगाया कि उनके भाई को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि रिकवरी और नौकरी बहाली के नाम पर लाखों रुपये की मांग की गई, जिससे वह गहरे अवसाद में चले गए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शमशेर सिंह ने कथित सुसाइड नोट में लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है।

पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, घटनास्थल से मिले कथित सुसाइड नोट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.