इमाम खामनेई की शहादत पर सैंथल में जुलूस
सैंथल में ईरान के सुप्रीम लीडर इमाम खामनेई की शहादत पर जुलूस निकाला गया और मजलिस आयोजित कर सब्र व एकजुटता का संदेश दिया गया।
इमामबाड़ा ए कलां से निकला जुलूस
मजलिस में सब्र की अपील
बड़ी संख्या में लोग शामिल
दुआ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न
सरफराज़ खान । जन माध्यम
सैंथल (बरेली)। कस्बा सैंथल में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की शहादत की खबर पर गम का माहौल देखने को मिला। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों के साथ जुलूस निकालकर अपने दुख और आक्रोश का इजहार किया। जुलूस इमामबाड़ा ए कलां से शुरू होकर कस्बे की मुख्य सड़कों से गुजरता हुआ इमामबाड़ा ए खुर्द पर समाप्त हुआ।
जुलूस के दौरान लोगों ने काली पट्टियां बांधकर शोक व्यक्त किया। कई स्थानों पर मातमी नौहे पढ़े गए और मरहूम के लिए दुआएं की गईं। वातावरण में गम की गंभीरता साफ झलक रही थी। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने एकजुट होकर अपनी भावनाएं प्रकट कीं।
इसी सिलसिले में इमामबाड़ा ए कलां में एक मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को मौलाना सय्यद तंजीम हुसैन ज़ैदी ने खिताब फरमाया। उन्होंने अपने बयान में हालात पर रोशनी डालते हुए मौजूद लोगों से सब्र और एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में हौसला और धैर्य ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
मजलिस को मौलाना नुरुल हसन, मौलाना शाहीर हसन, मौलाना रियाज़ अस्करी और मौलाना गजनफर अली सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सभी ने शांति, सब्र और आपसी भाईचारे पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष कंबर एजाज शानू, वाहिद अली, अल्वी ज़ैदी, फरोग ज़ैदी, सिराज ज़ैदी, कमर अली सहित कस्बे के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जुलूस और मजलिस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी मुस्तैद रही। पूरे कार्यक्रम का समापन दुआ के साथ हुआ।