ड्यूटी दबाव में शिक्षामित्र की तबीयत बिगड़ी

दमखोदा के शिक्षामित्र हर प्रसाद को SIR ड्यूटी के बाद सीने में दर्द, हार्ट अटैक की आशंका, परिवार का आरोप – सुपरवाइजर के फोन-दबाव ने बढ़ाया तनाव।

ड्यूटी दबाव में शिक्षामित्र की तबीयत बिगड़ी
HIGHLIGHTS:

➡️ शिक्षामित्र हर प्रसाद को SIR ड्यूटी के बाद हार्ट अटैक
➡️ परिवार: रोज़ फोन, सुपरवाइजर दबाव ने बढ़ाया तनाव
➡️ सर्वेश गंगवार की मौत के 24 घंटे बाद दूसरा मामला
➡️ दिनभर सर्वे, खराब नेटवर्क, रात तक काम का बोझ
➡️ प्रशासन: सिर्फ तबीयत बिगड़ी, दबाव नहीं
➡️ शिक्षकों में डर, सिस्टम पर सवाल

हर प्रसाद के सीने में दर्द होने के बाद परिवार का आरोप रोज़ के फोन ने बढ़ाया तनाव

जन माध्यम 
बरेली।
एसआईआर सर्वे की तेज़ रफ्तार ने एक और परिवार की खुशियाँ छीनने की कगार पर पहुँचा दीं। गुरुवार को दमखोदा ब्लॉक के माधोपुर स्कूल के शिक्षामित्र हर प्रसाद अचानक सीने में तेज़ दर्द से गिर पड़े। वह सैदपुर से दिनभर की बीएलओ ड्यूटी निभाकर घर पहुँचे ही थे कि उनकी धड़कनें जैसे जवाब देने लगीं। परिवार घबराकर उन्हें अस्पताल ले गया,जहाँ डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई। इस खबर ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पिताजी कई दिनों से परेशान थे रोज़ फोन रोज़ दबाव किसी ने नहीं सुना कि वह ड्यूटी नहीं कर पा रहे थे। उनके बेटे देहित ने कहा कि पिता मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से टूट चुके थे। रात देर तक सर्वे, खराब नेटवर्क, लगातार शिकायतें यह सब उनकी उम्र और जिम्मेदारियों पर भारी पड़ गया।
दिल को और चोट तब लगी जब यह घटना बीएलओ सर्वेश गंगवार की मौत के ठीक एक दिन बाद हुई। जिले में यह दूसरा मामला है, जिसने प्रशासन की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या यह सिस्टम इंसान की क्षमता समझता है? या फिर सिर्फ आंकड़ों की दौड़ में लोगों की सांसें भारी की जा रही हैं?उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने दबाव से इनकार किया और कहा कि केवल तबीयत बिगड़ी थी, ड्यूटी बदल दी गई है। पर जमीन पर काम करने वाले शिक्षकों की पीड़ा इससे अलग कहानी कहती है। जिले में बेचैनी है, शिक्षकों में डर है और हर प्रसाद का परिवार आज भी दुआओं में डूबा है। दो दिनों में लगातार दो घटनाओं ने साफ कर दिया है यह व्यवस्था अब इंसानों की थकान और उनके दिलों की धड़कनों को भी आजमा रही है।