बिजली बिलों की लापरवाही पर चला डंडा
बरेली में बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई। गलत मीटर रीडिंग और बिलिंग लापरवाही के मामले में दो मीटर रीडरों को चीफ इंजीनियर ने सस्पेंड किया।
गलत मीटर रीडिंग पर बिजली विभाग की कार्रवाई।
दो मीटर रीडरों को किया गया सस्पेंड।
उपभोक्ताओं को सही बिल देने पर जोर।
जन माध्यम
बरेली। बिजली विभाग में मीटर रीडिंग के नाम पर चल रहे ढीलेपन और गड़बड़ियों पर आखिरकार सख्त कार्रवाई की गाज गिर गई है। चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने विभागीय अनुशासन का डंडा चलाते हुए दो मीटर रीडरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब जांच में सामने आया कि कई जगहों पर मीटर की सही रीडिंग नहीं ली जा रही थी और उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल भी नहीं भेजे जा रहे थे।
दरअसल बिजली विभाग की पूरी व्यवस्था राजस्व वसूली और उपभोक्ताओं को पारदर्शी सेवा देने पर आधारित है। इसके लिए विभाग ने ओसीआर रीडिंग, प्रो रीडिंग
आधुनिक डिजिटल व्यवस्थाएं लागू की हैं। पर आज भी कुछ मैन्युअल रीडिंग जैसी व्यवस्थाएं पर हैं। उद्देश्य साफ है हर उपभोक्ता के मीटर की सही रीडिंग हो और उसी आधार पर बिल तैयार किया जाए। लेकिन विभाग की इस व्यवस्था को कुछ मीटर रीडर ही कमजोर कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार कई मीटर रीडर मौके पर जाकर वास्तविक रीडिंग लेने के बजाय औपचारिकता निभा रहे थे। कहीं मीटर की फोटो सही नहीं ली जा रही थी तो कहीं बिना मीटर देखे ही अनुमानित रीडिंग दर्ज कर दी जा रही थी। इस लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को गलत बिल के रूप में भुगतना पड़ रहा था, जबकि विभाग का राजस्व भी प्रभावित हो रहा था। चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने जब इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा कराई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में दो मीटर रीडरों तुषार कुमार और तरुणकांत उपाध्याय की कार्यप्रणाली बेहद लापरवाह पाई गई। आरोप है कि इन दोनों ने मीटर रीडिंग के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया और कई मामलों में समय पर सही बिल जारी करने में भी गंभीर लापरवाही बरती। जैसे ही यह रिपोर्ट चीफ इंजीनियर के सामने पहुंची, उन्होंने बिना देर किए दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं और तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय हलकों में इस कार्रवाई को अनुशासन की मजबूत मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।
ज्ञान प्रकाश ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि मीटर की सही रीडिंग नहीं होगी तो सही बिल भी नहीं बन पाएगा और जब बिल ही सही नहीं होगा तो राजस्व वसूली की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बिजली विभाग अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। उन्होंने सभी मीटर रीडरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि हर हाल में सौ प्रतिशत मीटर रीडिंग सुनिश्चित की जाए। ओसीआर आधारित फोटो रीडिंग और डिजिटल सिस्टम का सही तरीके से उपयोग करना अनिवार्य है। यदि भविष्य में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।चीफ इंजीनियर की इस कार्रवाई के बाद विभाग में खलबली मच गई है। कई मीटर रीडर अब अपने काम को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रणाली की व्यापक समीक्षा की जाएगी और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
उधर उपभोक्ताओं ने भी इस कदम का स्वागत किया है। लंबे समय से लोग गलत बिल और अनुमानित रीडिंग की शिकायत करते आ रहे थे। कई बार लोगों को वास्तविक खपत से कहीं अधिक बिल मिल जाता था, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। ज्ञान प्रकाश की कार्यशैली को लेकर विभाग में यह चर्चा भी तेज है कि वह पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने, उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान कराने और अब मीटर रीडिंग व्यवस्था पर सख्ती ये सभी कदम बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। फिलहाल दो मीटर रीडरों पर गिरी यह गाज पूरे विभाग के लिए चेतावनी बन गई है। संदेश साफ है अब मीटर रीडिंग के नाम पर लापरवाही या खेल करने वालों के लिए बिजली विभाग में कोई जगह नहीं है। बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश का यह कड़ा कदम न केवल विभागीय अनुशासन को मजबूत करेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी पारदर्शी और भरोसेमंद सेवा देने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकता है।