एसएसपी के शिकंजे में नशे के सौदागर

बरेली पुलिस ने एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में 1.657 किलो अवैध अफीम (40 लाख रुपये) जब्त की। तीन तस्कर गिरफ्तार, एक फरार। मिशन नशामुक्त बरेली के तहत कार्रवाई।

एसएसपी के शिकंजे में नशे के सौदागर
HIGHLIGHTS:

➡️ बरेली पुलिस ने जब्त की 1.657 किलो अवैध अफीम, कीमत 40 लाख रुपये
➡️ तीन नशा तस्कर गिरफ्तार, एक फरार
➡️ झारखंड से पंजाब और यूपी में ड्रग्स सप्लाई का पर्दाफाश
➡️ एसएसपी अनुराग आर्य की जीरो टॉलरेंस नीति
➡️ मिशन नशामुक्त बरेली: पुलिस की सख्त कार्रवाई

बारादरी पुलिस की बड़ी कामयाबी  एसपी सिटी ने दी जानकारी

जन माध्यम
बरेली।
पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि एसएसपी अनुराग आर्य के सख्त नेतृत्व में अपराधियों की कोई गुंजाइश नहीं बची है। शुक्रवार रात थाना बारादरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.657 किलो अवैध अफीम बरामद की, जिसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक फरार है।

एस.एस.पी. अनुराग आर्य के निर्देश पर चल रहे नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग अफीम लेकर सौदा करने आने वाले हैं। सूचना पर उपनिरीक्षक मनीष भारद्वाज व सौरभ तोमर की टीम ने मेडिकल कॉलेज के पीछे इलाके में घेराबंदी कर दी। रात करीब दो बजे बाइक सवार तीन युवक दिखे, जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे। पीछा कर तीनों को धर दबोचा गया।

तलाशी में उनके पास से 1.657 किलो अफीम, दो मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिलें और 5710 रुपये नकद बरामद हुए। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राजेश उर्फ महीपाल, सतीश और सतेन्द्र कश्यप के रूप में हुई है।शनिवार दोपहर एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये तस्कर झारखंड से अफीम लाकर पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सप्लाई करते थे।उन्होंने कहा, एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर  पुलिस नशे के इस गंदे कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। नशे का कारोबार करने वालों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।

पुलिस ने तीनों अभियुक्तों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18/29 व बीएनएस की धारा 112 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से युवाओं का भविष्य बर्बाद होता है, इसलिए इस जहर को खत्म करना हमारी जिम्मेदारी है। कोई भी अपराधी कानून से ऊपर नहीं है। उनकी यह सख्त नीति अब अपराधियों के बीच डर और जनता के बीच भरोसा पैदा कर रही है। पुलिस का यह अभियान अब मिशन बन चुका है  मिशन नशामुक्त बरेली।