SIR के नाम पर वोट काटने का आरोप, मेरठ में लोकतंत्र पर संकट की आहट
मेरठ में SIR प्रक्रिया के तहत गरीब, पिछड़े, अल्पसंख्यक और प्रवासी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के आरोप लगे हैं। बिना भौतिक सत्यापन वोट कटने और FIR की धमकी से भय का माहौल बताया जा रहा है।
➡️ SIR प्रक्रिया के नाम पर वोट काटने का गंभीर आरोप
➡️ गरीब, पिछड़े, अल्पसंख्यक और प्रवासी मतदाता प्रभावित
➡️ बिना घर-घर सत्यापन के नाम हटाने का दावा
➡️ बीएलओ पर अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव के आरोप
➡️ SIR फॉर्म में गलती पर FIR की धमकी का आरोप
➡️ छात्रों और नागरिकों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर जताया विरोध
➡️ निष्पक्ष जांच और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा की मांग
हशमे आलम/ जन माध्यम। मेरठ।
लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाले मतदाता को लेकर मेरठ में गंभीर और चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। SIR प्रक्रिया के नाम पर गरीब, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मजदूर और प्रवासी नागरिकों के वोट सुनियोजित तरीके से काटे जा रहे हैं। आरोप है कि बिना किसी घर-घर भौतिक सत्यापन के ही मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे पूरी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आरोप लगाने वालों का कहना है कि इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर अत्यधिक और असहनीय दबाव बनाया जा रहा है। दावा किया गया कि लगातार दबाव और मानसिक तनाव के चलते कई बीएलओ और शिक्षकों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि कुछ मामलों में मौत तक की घटनाएं सामने आई हैं। इसे प्रशासन और सरकार की असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया गया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जड़ मतदाता होता है, लेकिन मौजूदा हालात में मतदाताओं को डराने का माहौल तैयार किया जा रहा है। SIR फॉर्म में मामूली त्रुटि होने पर FIR और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर आम नागरिकों में भय पैदा किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
इन गंभीर आरोपों को लेकर छात्र संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
यह मामला न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आने वाले समय में लोकतंत्र की विश्वसनीयता को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।