सीएम डैशबोर्ड पर सख्ती
डीएम अविनाश सिंह ने सीएम डैशबोर्ड पर विकास विभाग की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को लापरवाही से बचने व योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
➡️ डीएम ने सीएम डैशबोर्ड पर विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा
➡️ डी और ई श्रेणी के विभागों पर विशेष फोकस
➡️ फैमिली आईडी पेंडेंसी का शीघ्र निस्तारण
➡️ पेंशन योजनाओं और श्रमिकों की योजनाओं में संतोषजनक प्रगति
जन माध्यम। बरेली।
जनकल्याण योजनाओं को ज़मीनी हकीकत से जोड़ने और शासन की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास विभाग की सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाही अब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।
समीक्षा के दौरान सीएम डैशबोर्ड में डी और ई श्रेणी में दर्ज विभागों पर विशेष फोकस किया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर रैंकिंग बेहतर करें। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को निर्देशित किया गया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत प्राप्त सभी आवेदनों को समयसीमा के भीतर अग्रसारित किया जाए, ताकि पात्र छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि फिलहाल पोर्टल बंद है। इस पर डीएम ने निर्देश दिए कि जैसे ही पोर्टल खुले, लाभार्थी किसानों का सत्यापन कार्य तत्काल पूर्ण कराया जाए, जिससे किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
डीएम ने फैमिली आईडी से जुड़ी पेंडेंसी को गंभीरता से लेते हुए जिला विकास अधिकारी को खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग स्वयं अपने स्तर से करें, क्योंकि इनकी समीक्षा मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव स्तर से लगातार की जाती है।
बैठक में विभिन्न पेंशन योजनाओं के सत्यापन कार्य की समीक्षा में पाया गया कि पुराने सभी मामलों का सत्यापन पूर्ण कर लिया गया है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और श्रमिकों के राशन कार्ड निर्माण में भी संतोषजनक प्रगति सामने आई, हालांकि कुछ मामलों में तकनीकी कारणों से दिक्कतें बनी हुई हैं।
इसके अलावा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए गए कि 25 किलोवाट से अधिक विद्युत उपयोग वाले संस्थानों का चिन्हांकन कर उन्हें योजना से जोड़ा जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, मुख्य चिकित्साधिकारी विश्राम सिंह, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।