रोज़ी,रोटी पर सवाल

मीरगंज में व्यापार मंडल ने अतिक्रमण के नाम पर 300 वैध दुकानों चिन्हीकरण के विरोध में बाजार बंद; लोक निर्माण विभाग पर झूठी शिकायत का आरोप। उपजिलाधिकारी को ज्ञापन, तत्काल कार्रवाई रोकी जाए, जांच हो; परिवार संकट पर अपील।

रोज़ी,रोटी पर सवाल
HIGHLIGHTS:

➡️ अतिक्रमण आरोप पर 300 दुकानें चिन्हित, बाजार बंद विरोध।
➡️ आरोप: वैध दुकानें, झूठी शिकायत से विभाग भ्रमित।
➡️ ज्ञापन अजय कुमार सिंह को; कार्रवाई रोकी जाए।
➡️ मांग: जांच, राहत; रोजी-रोटी संकट।
➡️ न्याय अपील: डराने की साजिश का दावा।

अतिक्रमण के नाम पर कार्रवाई के विरोध में मीरगंज के व्यापारी सड़कों पर उतरे

डेस्क/ जन माध्यम 
मीरगंज,बरेली।कस्बा मीरगंज में अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों को परेशान किए जाने के विरोध में सोमवार को व्यापार मंडल ने बाजार पूरी तरह बंद रखकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी मीरगंज को संबोधित ज्ञापन क्षेत्राधिकारी पुलिस अजय कुमार सिंह को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और तत्काल राहत की मांग की। व्यापारियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा दुकानों और मकानों को अतिक्रमण के नाम पर चिन्हित किया गया, जबकि वास्तव में किसी भी व्यापारी द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि उनकी सभी दुकानें नाले के पीछे वैध रूप से निर्मित हैं, इसके बावजूद करीब 300 दुकानों को सरकारी जमीन पर होने का आरोप लगाकर चिन्हित करना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से झूठी शिकायत कर लोक निर्माण विभाग को गुमराह किया गया, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई जानबूझकर व्यापारियों को डराने और उनकी रोजी-रोटी पर चोट करने की नीयत से की गई है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि चिन्हित की गई दुकानों और मकानों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। व्यापारियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी आजीविका छिन गई तो वे अपने परिवारों का भरण-पोषण कैसे करेंगे। प्रशासन से न्याय और संवेदनशीलता की अपील की गई है।