थाने के साए में सुलगता इंसाफ

बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल न सौंपे जाने से आहत डिलीवरी बॉय ने थाने के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। गंभीर हालत में युवक का जिला अस्पताल में इलाज जारी, पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।

थाने के साए में सुलगता इंसाफ
AI द्वारा काल्पनिक फोटो
HIGHLIGHTS:

डिलीवरी बॉय की बाइक चोरी, आरोपी भीड़ ने पकड़ा

थाने में कथित अनसुनी से बढ़ा विवाद

युवक ने थाने के बाहर खुद को लगाई आग

जन माध्यम
बरेली।
कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त छवि वाले एसएसपी अनुराग आर्य लगातार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली को लेकर आमजन में भरोसा भी दिखता है। लेकिन थाना बारादरी क्षेत्र की एक घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या कप्तान की मंशा जमीनी स्तर तक सही रूप में पहुंच पा रही है?
मंगलवार को एक साधारण डिलीवरी बॉय रोज की तरह पार्सल देने निकला था। गंगापुर क्षेत्र में डिलीवरी के दौरान उसकी मोटरसाइकिल की चाबी अनजाने में लगी रह गई। इतने में एक युवक गाड़ी लेकर फरार हो गया। मेहनतकश युवक ने हिम्मत नहीं हारी, वह पीछे-पीछे दौड़ा। कुछ दूरी पर आरोपी दुर्घटनाग्रस्त हुआ और भागने की कोशिश में भीड़ के हत्थे चढ़ गया। लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
यहां तक कहानी में न्याय की उम्मीद थी। लेकिन आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद पीड़ित को ही उलझाया जाने लगा। मोटरसाइकिल वापस मांगने पर उससे कागजात मांगे गए। उसने सारे दस्तावेज प्रस्तुत किए, फिर भी कथित रूप से कहा गया कि अब गाड़ी अदालत से ही मिलेगी। जबकि न मुकदमा स्पष्ट, न जब्ती की ठोस जानकारी—ऐसे में एक गरीब युवक की रोजी-रोटी अधर में लटक गई।
बताया जाता है कि लगातार अनसुनी और अपमानजनक व्यवहार से आहत होकर युवक ने थाने के सामने ही खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसे युवक का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
यह घटना केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था के भीतर संवाद और संवेदनशीलता की कमी का संकेत है। कप्तान की सख्त और पारदर्शी छवि के बीच यदि थाने स्तर पर ऐसी घटनाएं होती हैं, तो भरोसे की डोर कमजोर पड़ती है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी, क्या जिम्मेदारी तय होगी, और क्या एक पीड़ित को न्याय मिल पाएगा। क्योंकि कानून का अर्थ केवल अपराधी को पकड़ना नहीं, बल्कि पीड़ित को संभालना भी है।