आधा कटा पेड़ बना मौत का कारण
देवरनिया (बरेली) में सड़क किनारे आधा कटा पेड़ गिरने से रहीसद्दीन की मौत। परिवार ने वन विभाग और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए, जांच की मांग तेज।
आधा कटा पेड़ गिरने से मौके पर मौत
परिवार ने वन विभाग पर लगाए आरोप
लंबे समय से खतरा बना था पेड़
जन माध्यम
देवरनिया (बरेली)। थाना देवरनिया क्षेत्र के गांव इटोआ निवासी पचपन वर्षीय रहीसद्दीन की मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते आधा कटा पेड़ हटाया गया होता तो आज रहीसद्दीन जिंदा होते।
मृतक के भाई दामन ने शव परीक्षण गृह पर जानकारी देते हुए बताया कि रहीसद्दीन अपने सेलर पर जा रहे थे। इमरता और इटावा के बीच स्थित मोड़ पर सड़क किनारे एक पेड़ आधा कटा हुआ पड़ा था, जिसे वन विभाग की टीम द्वारा रोके जाने की बात कही जा रही थी। इसी दौरान अचानक वह पेड़ भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। अपनों की आंखों के सामने रहीसद्दीन का निर्जीव शरीर पड़ा देख चीख-पुकार मच गई। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शव को परीक्षण के लिए भेज दिया। वहीं मृतक के भाई ने वन विभाग और पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आधा कटा पेड़ लंबे समय से खतरा बना हुआ था, लेकिन उसे हटाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
रहीसद्दीन अपने पीछे पत्नी परवीन और छह बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वह सेलर चलाकर घर का खर्च चलाते थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब सबकी नजरें जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई पर टिकी हैं।