जिस डोर ने जान ली, उस पर लगाम

बरेली में चाइनीज मांझे के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई, 20 दिनों में 8 मुकदमे और 13 गिरफ्तार।

जिस डोर ने जान ली, उस पर लगाम
HIGHLIGHTS:

➡️ चाइनीज मांझे के खिलाफ बरेली पुलिस का सख्त अभियान
➡️ एसएसपी अनुराग आर्य की जीरो टॉलरेंस नीति
➡️ 20 दिनों में 8 मुकदमे दर्ज

जन माध्यम 
बरेली।
शहर की फिज़ाओं में उड़ती पतंगें जब खुशियों की जगह मातम का सबब बनने लगें, तब ज़िम्मेदार प्रशासन का चुप रहना सबसे बड़ा अपराध होता है। चाइनीज मांझे के खिलाफ शुरू हुई सख्त कार्रवाई सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि इंसानी जानों को बचाने की जिद है, और इस जिद की अगुवाई कर रहे हैं, एसएसपी अनुराग आर्य। चाइनीज मांझा, जो देखने में पतली डोर है,असल में मौत की नंगी धार है। बीते वर्षों में इसी मांझे ने बच्चों, युवाओं और राहगीरों की सांसें छीनीं। लेकिन इस बार  पुलिस ने इंतज़ार नहीं किया कि कोई हादसा हो, कोई परिवार उजड़े बल्कि हादसे से पहले ही खतरे को कुचलने का फैसला लिया। यही एसएसपी अनुराग आर्य की सबसे बड़ी पहचान है,रिएक्शन नहीं, प्रिवेंशन। डीएम अविनाश सिंह के निर्देशों को ज़मीन पर उतारते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने शहर और देहात में समन्वित कार्रवाई का खाका तैयार किया। हर थाना, हर चौकी, हर सीओ को साफ आदेश मिले या तो चाइनीज मांझा खत्म होगा, या उसका कारोबार। नतीजा सामने है पिछले 20 दिनों में 8 मुकदमे,13 गिरफ्तारियां और दर्जनों दुकानों व ठिकानों पर छापेमारी। यह आंकड़े नहीं, यह उस डर का सबूत हैं जो अब मांझा बेचने वालों के दिलों में बैठ चुका है।
एसएसपी अनुराग आर्य की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत है किसी दबाव में न आना। उन्होंने साफ कह दिया कि मांझे में शीशा या अन्य घातक सामग्री मिलाने वाला चाहे कितना ही बड़ा कारोबारी क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। योगी सरकार के स्पष्ट निर्देशों के तहत, चाइनीज मांझे से मौत होने पर हत्या का मुकदमा दर्ज होगा और बरेली पुलिस इस निर्देश को कागज़ नहीं, हथियार मानकर चल रही है। इस अभियान को ताकत मिली जनता की भागीदारी से। एसएसपी अनुराग आर्य ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। यही कारण है कि अब लोग चुप नहीं हैं, बल्कि आगे आकर बता रहे हैं कि कहां मांझा छिपाया गया है, कौन बेच रहा है, कौन बना रहा है। यह विश्वास किसी पोस्टर से नहीं, सख्त कार्रवाई से पैदा होता है।
आज बरेली में पतंग उड़ाने से पहले लोग सोच रहे हैं, दुकानदार डर रहे हैं और अवैध कारोबारी रास्ता बदल रहे हैं। यह बदलाव अचानक नहीं आया, यह उस नेतृत्व का नतीजा है जो कुर्सी पर बैठकर आदेश नहीं देता, बल्कि मैदान में उतरकर निगरानी करता है। एसएसपी ने साबित कर दिया है कि पुलिस अगर ठान ले, तो मौत का सामान भी बाजार से गायब हो सकता है। चाइनीज मांझे के खिलाफ यह अभियान आने वाले समय में न सिर्फ हादसों को रोकेगा, बल्कि एक पीढ़ी को सुरक्षित आसमान देगा। बरेली की हवा अब साफ संदेश दे रही है, यहां पतंगें उड़ेंगी, लेकिन इंसानी जान काटकर नहीं।
और इस बदलाव के पीछे खड़ा है एक नाम अनुराग आर्य।


एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि चाइनीज़ मांझे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पुलिस ने अब तक 8 मुकदमे दर्ज कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मेरे स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इससे किसी की जान जाती है तो हत्या का मुकदमा दर्ज होगा। जनता से अपील है कि सूचना दें, पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।