जमीन माफियाओं पर एसएसपी का हंटर, संजय ट्रांसपोर्टर और रिटायर्ड लेखपाल गैंग पर एक और मुकदमा दर्ज

जमीन माफियाओं पर एसएसपी का हंटर, संजय ट्रांसपोर्टर और रिटायर्ड लेखपाल गैंग पर एक और मुकदमा दर्ज

बरेली। जमीन के धंधे में फर्जीवाड़े का ऐसा तगड़ा खेल चल रहा था कि अच्छे-अच्छे दंग रह जाएं। लेकिन तेजतर्रार एसएसपी अनुराग आर्य ने इस गैंग का ऐसा इलाज किया कि अब ये जेल में ठंडी रोटियां तोड़ रहे हैं। रिटायर्ड चकबंदी लेखपाल सावन जायसवाल, संजय ट्रांसपोर्टर और उनके साथियों की चतुराई को पुलिस ने उन्हीं पर उल्टा फेर दिया। धोखाधड़ी के मामले में एक और मुकदमा दर्ज होते ही इस गैंग की हालत ऐसी हो गई जैसे शेर के सामने बकरी। गिरोह का तरीका फिल्मों से कम नहीं। पहले तो ये गैंग पुराने कागजातों में हेरफेर कर फर्जी वसीयत और रजिस्ट्री तैयार करता था। फिर कानूनी मालिकों की आंखों में धूल झोंककर जमीन अपने नाम कर लेता था और फिर उस जमीन को आगे बेचकर मोटा पैसा कमाया जाता था।बिथरी थाने में दर्ज नए मुकदमे में खुलासा हुआ है कि गैंग ने जमीन के जाली बैनामे और फर्जी वसीयत तैयार कर कई लोगों को चूना लगाया। नंद इंफ्रा डेवलपर्स के मैनेजर कपिल कुमार अग्रवाल के मुताबिक वह बालीपुर अहमदपुर बिथरी चैनपुर की जमीन का कानूनी मालिक है। लेकिन अमित सिंह ने 1992 की फर्जी वसीयत के आधार पर 2022 में जमीन का बैनामा करा लिया। इसके बाद संजय ट्रांसपोर्टर, विजय अग्रवाल और उनके साथियों ने इस जमीन को सस्ते दामों में खरीदकर बड़ा मुनाफा कमाने की साजिश रची।

एसएसपी की सख्ती से टूटा गैंग

बरेली पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच की और गैंग के काले कारनामों का पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी और एसपी सिटी मानुष पारीक की टीम ने आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज 10 से ज्यादा मुकदमों को आधार बनाकर नए मामले में भी कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्य आरोपी अमित सिंह फिलहाल जेल में है लेकिन उसकी करतूतों की जांच में रोज नए राज खुल रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि गिरोह में रिटायर्ड लेखपाल सावन जायसवाल, विजय अग्रवाल, उनका मैनेजर कार्तिक त्रिपाठी, बेटे रितेश अग्रवाल और भतीजे मोहित अग्रवाल भी शामिल हैं। ये लोग जमीनों में फर्जीवाड़ा कर विवाद खड़ा करने और फिर सस्ते में खरीदने की साजिश रचते थे।

अभी और भी होंगे गिरफ्तार

पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई थी। जिसके बाद एसएसपी ने तत्काल जांच कर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी और फर्जीवाड़े की इस कड़ी को पूरी तरह तोड़ दिया जाएगा।