बीडीए की कड़ी कार्रवाई 25 लाख का जुर्माना
बरेली में सीएम योगी के दौरे से पहले बीडीए ने 3 फर्मों पर 25 लाख जुर्माना लगाया, 5 दिन में काम पूरा न हुआ तो ब्लैकलिस्ट होगी।
➡️ 25 लाख का भारी-भरकम जुर्माना
➡️ 5 दिन की आखिरी चेतावनी
➡️ तीनों फर्में होंगी ब्लैकलिस्ट
➡️ सीएम योगी के दौरे से पहले हड़कंप
➡️ घटिया काम पर उपाध्यक्ष की फटकार
➡️ रामायण वाटिका में 51 फीट प्रतिमा लोकार्पण
5 दिन में काम पूरा न हुआ तो तीनों फर्में को किया जाएगा ब्लैकलिस्ट
जन माध्यम
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नवंबर के अंतिम सप्ताह में संभावित दौरे को देखते हुए विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने के लिए बीडीए ने सख्ती का रुख अपना लिया है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन ने निर्माण में देरी और लापरवाही पर तीन कार्यदायी संस्थाओं पर 25 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोकते हुए साफ चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा न होने पर सभी फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, मेसर्स जलाकाश और एनडी रेलवे पर 10–10 लाख रुपये, जबकि मेसर्स सत्यसांई बिल्डर एंड कांट्रेक्टर पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बीडीए ने निर्देश दिया है कि पांच दिन के भीतर सड़क व मार्ग निर्माण से जुड़े सभी कार्य पूरे कर लिए जाएँ, अन्यथा आगे कड़ी कार्रवाई तय है।रामगंगा नगर स्थित रामायण वाटिका में प्रभु श्रीराम की 51 फीट ऊँची भव्य प्रतिमा के लोकार्पण की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। माना जा रहा है कि इस लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं उपस्थित रह सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए शहर के मुख्य मार्गों को घंटाघर से ग्रेटर बरेली गोरक्षनाथ चौक तक के चौड़ीकरण, सुंदरीकरण, पैचवर्क और सर्विस रोड निर्माण को युद्धस्तर पर पूरा करवाया जा रहा है।बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने अधिकारियों के साथ रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर मुख्य मार्गों में गड्ढे, अधूरा पैचवर्क, धीमी प्रगति और घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग सामने आया। निर्माण कार्यों की यह स्थिति देखकर उपाध्यक्ष ने तत्काल नाराज़गी व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों को फटकार लगाई।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार की समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर में आने वाले दिनों में वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सड़कें दुरुस्त, सुरक्षित और मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
उपाध्यक्ष ने निर्माण एजेंसियों को दो टूक कहा कि निर्धारित समयसीमा का पालन हर हाल में किया जाए। यदि पाँच दिन के भीतर कार्य संतोषजनक रूप से पूरा नहीं होता है, तो तीनों एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करते हुए आगे बरेली में किसी भी प्रकार का काम देने पर रोक लगा दी जाएगी। बीडीए की इस कड़ी कार्रवाई के बाद विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि आगामी कार्यक्रम से पहले शहर की सड़कें नए रूप में नज़र आएं।