अपराध और झूठे मुकदमों के खिलाफ प्रदर्शन

बरेली में गरीब शक्ति दल ने बढ़ते अपराध और झूठे मुकदमों के विरोध में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, एसआईटी जांच व वैवाहिक कानून सुधार की मांग की।

अपराध और झूठे मुकदमों के खिलाफ प्रदर्शन
HIGHLIGHTS:

➡️ झूठे मुकदमों और बढ़ते अपराधों के खिलाफ प्रदर्शन
➡️ राष्ट्रपति के नाम एसीएम को सौंपा गया ज्ञापन
➡️ न्यायिक स्तर पर एसआईटी गठित करने की मांग

सेय्यद शाहाबुद्दीन । जन माध्यम
बरेली।
देश में बढ़ते अपराध, झूठे मुकदमों और न्यायिक प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में गरीब शक्ति दल के पदाधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के प्रतिनिधियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (एसीएम) बरेली को सौंपते हुए न्यायिक स्तर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि देश में एक दोषी के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को भी सामाजिक और कानूनी तौर पर दंडित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि झूठे मुकदमों के कारण लाखों बेगुनाह लोग जेलों में कैदी और बंदी के रूप में समय बिता रहे हैं। नारेबाजी के बीच संगठन ने कहा कि अपराध बढ़ने के कारणों में अशिक्षा और बेरोजगारी के साथ-साथ वैवाहिक संबंधों में बढ़ती अस्थिरता और कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर भी एक बड़ा कारण बन रहे हैं।

गरीब शक्ति दल के पूर्व संगठन मंत्री मनोज विकट ने कहा कि देश के पारिवारिक न्यायालयों में पति-पत्नी के बीच बड़ी संख्या में विवाद लंबित हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की अदालतों में महिला घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों की संख्या का हवाला देते हुए इसे सामाजिक चिंता का विषय बताया। उनका आरोप था कि मौजूदा कानूनों के दुरुपयोग से पारिवारिक कलह बढ़ रही है और इसका दुष्प्रभाव युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

संगठन ने बरेली जिले के थाना सुभाष नगर क्षेत्र के ग्राम करेली से जुड़े एक मामले का उल्लेख करते हुए इसे पारिवारिक विवादों और कानूनी जटिलताओं का उदाहरण बताया। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और संतुलित न्याय प्रक्रिया की आवश्यकता है।

गरीब शक्ति दल ने स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के प्रभावी अनुपालन, विवाह से पूर्व आपसी समझ और संवाद के लिए विशेष प्रावधानों की वकालत की। संगठन ने प्रस्ताव रखा कि विवाह से पहले न्यूनतम अवधि तक आपसी तालमेल, आचार-विचार और वित्तीय विषयों पर संवाद अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही सभी जिलों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए “स्पेशल सरकारी वैवाहिक केंद्र” स्थापित करने और “एक देश-एक वैवाहिक केंद्र (2026)” योजना लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज विकट, रंजीत सिंह, संजीव सागर, संजय सक्सेना, गिरिश चंद्र सक्सेना, मोहम्मद नासिर, जगदीश सागर, रेनू जौहरी सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।