बुज़ुर्गों को ठंड से राहत, शुरू हुआ मुफ़्त कंबल वितरण
बरेली में 6185 मुफ़्त कंबल वितरण शुरू, एल्डर लाइन 14567 से बुज़ुर्गों को तुरंत मदद।
➡️ 6185 कंबलों की पहली खेप मंज़ूर, जेम पोर्टल से खरीद
➡️ डीएम ने स्वयं गुणवत्ता, वजन और ऊन प्रतिशत परखी
➡️ एल्डर लाइन 14567 से तत्काल सहायता व परामर्श
➡️ बुज़ुर्गों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण हर 15 दिन अनिवार्य
➡️ सभी तहसीलों में चरणबद्ध तरीके से कंबल व अलाव बजट जारी
➡️ रैन बसेरे और अलाव स्थल बढ़ाए जा रहे
➡️ राहत आपदा पोर्टल पर वितरण की पूरी जानकारी अपडेट होगी
6185 कंबलों की पहली खेप मंज़ूर, एल्डर लाइन 14567 से तुरंत मदद उपलब्ध
जन माध्यम
बरेली। कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जूझ रहे असहाय एवं बेसहारा बुज़ुर्गों को राहत देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बरेली में प्रशासन ने सर्द रातों से बुज़ुर्गों को बचाने हेतु व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। राज्यभर में एल्डर लाइन हेल्पलाइन 14567 को पूरी तरह सक्रिय कर बुज़ुर्गों को तत्काल सहायता, परामर्श, कानूनी मदद, ट्रेसिंग और वृद्धाश्रम स्थानांतरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी परेशानी की स्थिति में मदद सिर्फ एक कॉल दूर रहे।
डीएम अविनाश सिंह ने खुद कंबलों की गुणवत्ता परखते हुए वजन, आकार और ऊन प्रतिशत की जांच की। इसके बाद प्रथम चरण में 6185 कंबलों की आपूर्ति के आदेश क्षेत्रीय प्रबंधक हस्तशिल्प विभाग एवं विपणन निगम लिमिटेड को दे दिए गए। सभी कंबल जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदे जाएंगे, जिन पर स्पष्ट रूप से अंकित होगा राजस्व विभाग के सौजन्य से निःशुल्क वितरण हेतु, बिक्री के लिए नहीं । डीएम ने निर्देश दिए हैं कि वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और पहले उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ बुज़ुर्ग खुले आसमान या असुरक्षित हालात में रह रहे हैं।
साथ ही, सरकार ने सभी वृद्धाश्रमों में हर 15 दिन स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के अनुसार, चिकित्सा टीमें नियमित कैंप लगाकर बुज़ुर्गों का निशुल्क उपचार कर रही हैं। किसी भी उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में अब बुजुर्गों को तुरंत सहायता उपलब्ध होगी।
अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बरेली सदर, बहेड़ी, आंवला, नवाबगंज, फरीदपुर और मीरगंज में चरणबद्ध तरीके से कंबल भेजे जा रहे हैं। सभी तहसीलों को अलाव जलाने के लिए 50-50 हजार रुपये भी जारी कर दिए गए हैं। वितरण जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा और पूरी जानकारी राहत आपदा पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। साथ ही, आपूर्ति में देरी या गुणवत्ता में कमी पर संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ठंड से बचाव के लिए रैन बसेरे और अलाव स्थलों की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि कोई भी बुज़ुर्ग सर्द रातों में असहाय न रहे।