बार-बार टूट रहे बिजली के खम्भे, अंधेरे में डूब रहे गांव

बरेली के शाही क्षेत्र में धनेटा-शीशगढ़ मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 33 केवी लाइन का खम्भा टूट गया। बिजली आपूर्ति ठप होने से कई गांवों में परेशानी हुई।

बार-बार टूट रहे बिजली के खम्भे, अंधेरे में डूब रहे गांव
HIGHLIGHTS:

अज्ञात वाहन की टक्कर से 33 केवी लाइन का खम्भा टूटा।

दो दिन में दूसरी बार बाधित हुई बिजली आपूर्ति।

मरम्मत के बाद देर रात बहाल हुई बिजली।

दीनानाथ कश्यप। जन माध्यम

बरेली के शाही में धनेटा - शीशगढ़ मार्ग पर बिजली के खम्भों से टकराते अज्ञात वाहनों की घटनाएं अब चिंता का कारण बनती जा रही हैं कभी अचानक अंधेरा, तो कभी घंटों बिजली का इंतजार। अब यह परेशानी इस इलाके के लोगों की रोजमर्रा की कहानी बन गई है। बीती रात एक बार फिर तेज रफ्तार वाहन ने 33 केवी लाइन के खम्भे को टक्कर मार दी, जिससे खम्भा पूरी तरह टूट गया और कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

दो दिन में दूसरी बार टूटा खम्भा

बताया जा रहा है कि इससे पहले शनिवार की रात भी मिर्जापुर और हैदरगंज के पास एक अज्ञात वाहन ने खम्भे को टक्कर मार दी थी। उस घटना में खम्भा क्षतिग्रस्त हो गया था और इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। बिजली विभाग की टीम ने रातभर मेहनत कर मरम्मत की और किसी तरह आपूर्ति बहाल कर दी।

लेकिन विभाग अभी राहत की सांस भी नहीं ले पाया था कि सोमवार की रात फिर वही मंजर दोहराया गया। एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क किनारे लगे खम्भे को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह चकनाचूर हो गया। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जबकि आसपास के गांव अचानक अंधेरे में डूब गए।

रातभर चला मरम्मत का काम

घटना की सूचना मिलते ही अवर अभियंता रामदेव वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। टूटे हुए खम्भे को हटाकर नया खम्भा लगाने और लाइन को दुरुस्त करने का काम देर रात तक चलता रहा। कर्मचारियों की लगातार मेहनत के बाद आखिरकार देर रात बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल हो सकी और ग्रामीणों को राहत मिली।

ग्रामीणों ने की जेई की सराहना

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली से जुड़ी कोई भी समस्या सामने आती है तो अवर अभियंता रामदेव वर्मा तुरंत मौके पर पहुंच जाते हैं और खुद खड़े होकर मरम्मत कार्य की निगरानी करते हैं। लोगों का कहना है कि जब से उन्होंने शाही पावर हाउस की जिम्मेदारी संभाली है, तब से बिजली व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है।

छह महीनों में कई बार टूटे खम्भे

अवर अभियंता रामदेव वर्मा के अनुसार पिछले छह महीनों में इस मार्ग पर 8 से 10 बार खम्भे टूटने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि कई खम्भे सड़क के बिल्कुल किनारे लगे हुए हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहन अक्सर उनसे टकरा जाते हैं।

ग्रामीणों ने उठाई यह मांग

लगातार हो रही घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि इस लाइन के खम्भों को सड़क से थोड़ा पीछे शिफ्ट किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते यह कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से भी इंकार नहीं किया जा सकता।