फर्जी बैनामा केस में पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार

बहेड़ी में फर्जी बैनामा कर संस्था की जमीन कब्जाने के आरोप में पूर्व गन्ना समिति अध्यक्ष गिरफ्तार, कोर्ट से मिली जमानत।

फर्जी बैनामा केस में पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार
HIGHLIGHTS:

फर्जी बैनामा मामले में पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार

शिक्षण संस्थान की जमीन कब्जाने का आरोप

स्टेशन चौराहे से पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोर्ट से मिली जमानत, मामला चर्चा में

मुमताज अली । जन माध्यम

बहेड़ी (बरेली)।  जब कानून की किताबों से खेलकर जमीनें हड़पी जाएं तो सवाल सिर्फ एक जमीन का नहीं, पूरे सिस्टम की साख का होता है।

फर्जी बैनामा का मामला, पुलिस की कार्रवाई

कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी बैनामा कराने और शिक्षण संस्थान की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में पुलिस ने गन्ना समिति के पूर्व अध्यक्ष और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दिनेश सूर्य को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन चौराहे के पास से दबोचा और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।

गिरफ्तारी से मचा चर्चा का माहौल

दिनेश सूर्य की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही फैली, पूरे नगर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। वह लंबे समय से एक प्रमुख राजनीतिक दल से जुड़े रहे हैं और कई अहम पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी ने लोगों को हैरान कर दिया और कई सवाल खड़े कर दिए।

संस्था की जमीन हड़पने का आरोप

मामले में नौगांव निवासी सेवाराम ने मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि 17 फरवरी 2025 को गाटा संख्या 372/2 के एक हिस्से का फर्जी बैनामा आरोपी ने अपने नाम करा लिया। जबकि यह जमीन वर्ष 2012 में ही लक्ष्मी बाई बालिका इंटर कॉलेज, सुकटिया के नाम दर्ज हो चुकी थी। यह आरोप बेहद गंभीर है और शिक्षा संस्थान की सुरक्षा पर भी सवाल उठाता है।

गेट तोड़कर कब्जा, धमकाने के भी आरोप

आरोप है कि बैनामा कराने के बाद आरोपी ने विद्यालय का मुख्य गेट तोड़कर जमीन पर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर संस्था से जुड़े लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने और धमकाने की कोशिश भी की गई। यह घटनाक्रम कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

लंबे समय से फरार, आखिरकार गिरफ्तारी

पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद से ही आरोपी की तलाश की जा रही थी, लेकिन वह लगातार बचता रहा। आखिरकार पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।