सनसनीखेज हत्याकांड में कोर्ट का सख्त फैसला

बरेली के शेरगढ़ क्षेत्र में हुए सुरेंद्र पाल हत्याकांड में अदालत ने गैंगस्टर समेत पांच दोषियों को उम्रकैद और 2.75 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जमीन विवाद में की गई साजिशन हत्या को कोर्ट ने माफिया राज का गंभीर अपराध बताया।

सनसनीखेज हत्याकांड में कोर्ट का सख्त फैसला
HIGHLIGHTS:

➡️ जमीन विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश
➡️ गैंगस्टर समेत 5 दोषियों को उम्रकैद
➡️ कोर्ट ने लगाया 2.75 लाख रुपये जुर्माना
➡️ फरार आरोपियों की फाइल अलग, कुर्की के आदेश
➡️ 11 गवाहों और पुख्ता सबूतों पर फैसला

तलवारों से सुरेंद्र पाल की हत्या, गैंगस्टर समेत पांच दोषियों को उम्रकैद, 2.75 लाख का जुर्माना, फरार आरोपियों की होगी कुर्की

डेस्क/ जन माध्यम
बरेली।
खुशियों के मौके पर रची गई साजिश, और उसका अंजाम एक बेगुनाह की निर्मम हत्या। शेरगढ़ के बहुचर्चित सुरेंद्र पाल हत्याकांड में अदालत ने अपराध और माफिया राज के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए गैंगस्टर समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुना दी। कोर्ट ने साफ कहा कि यह हत्या कोई अचानक हुआ झगड़ा नहीं, बल्कि जमीन माफियाओं द्वारा रची गई सोची-समझी साजिश थी। इसके साथ ही अदालत ने दोषियों पर कुल 2.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

सजा सुनाए जाने के दौरान रवि और संजीव नामक दो आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने उनकी पत्रावलियां अलग कर दीं और पुलिस को निर्देश दिए कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए या वे स्वयं सरेंडर करें। उनकी मौजूदगी में ही अंतिम सजा सुनाई जाएगी। साथ ही फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया भी तेज करने के संकेत दिए गए हैं। अभियोजन के अनुसार 19 मई 2021 को शेरगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में दिल दहला देने वाली वारदात हुई। गांव निवासी सुरेंद्र पाल शाम करीब छह बजे एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। तभी जमीन विवाद की पुरानी रंजिश के चलते सुखदेव, वेद प्रकाश, रवि, संजीव, धर्मेंद्र, जितेंद्र और मुनेंद्र ने उन पर हमला कर दिया। तलवारों और धारदार हथियारों से किए गए ताबड़तोड़ वारों में सुरेंद्र पाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस निर्मम हत्या से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश फैल गया था। मृतक के भतीजे जसपाल की तहरीर पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान जो सच सामने आया, उसने पूरे इलाके को चौंका दिया। पुलिस जांच में पाया गया कि आरोपी शातिर गैंगस्टर और भूमाफिया हैं, जिन्होंने कई जमीनों पर अवैध कब्जा कर रखा था। इसी आधार पर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति कुर्क की और आरोपियों को अपराध माफिया घोषित किया गया। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।

मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील रीतराम राजपूत ने 11 अहम गवाह अदालत में पेश किए। गवाहों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुखदेव, वेद प्रकाश, धर्मेंद्र, जितेंद्र और मुनेंद्र को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।