दलितों की 1600 से अधिक बीघा भूमि पर भूमाफियाओं का अवैध कब्ज़ा
मेरठ में दलित समुदाय की 1600+ बीघा जमीन पर दबंगों के अवैध कब्ज़े और गंगा में केमिकल प्रदूषण का खुलासा। आजाद अधिकार सेना ने सभी आरोपियों पर FIR, भूमि-मुक्ति और पीड़ितों की सुरक्षा की मांग की।
➡️ गंगा नदी में पोल्ट्री व केमिकल वेस्ट डालकर गंभीर प्रदूषण
➡️ लेखपाल व तहसील अधिकारियों पर दबाव में काम करने के आरोप
➡️ आजाद अधिकार सेना ने FIR, कब्जा-मुक्ति व सुरक्षा की उठाई मांग
➡️ कार्रवाई न होने पर 9 दिसंबर को DM ऑफिस पर आमरण अनशन की चेतावनी
गंगा में केमिकल प्रदूषण उजागर - आजाद अधिकार सेना ने की FIR व कब्जा-मुक्ति की मांग
हशमे आलम, जन माध्यम
मेरठ। जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम, माजरा बेला, छोटी चामरोधी और आसपास की बस्तियों में दलित समुदाय की 1600 बीघा से अधिक भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों और गंगा नदी में हो रहे खतरनाक प्रदूषण का आज बड़ा खुलासा हुआ। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में 07 दिसंबर 2025 को हुए विस्तृत स्थलीय निरीक्षण में जो तथ्य सामने आए, वे प्रशासनिक सुस्ती और भूमाफियाओं की पकड़ दोनों को उजागर करते हैं।
पीड़ितों की दास्तां—दलित परिवारों की जमीन पर दबंगों का साम्राज्य
निरीक्षण के दौरान 50–60 से अधिक अनुसूचित जाति समुदाय के परिवारों ने बताया कि उनके पूर्वजों के नाम दर्ज खतौनी–खसरा अभिलेख होने के बावजूद लगभग 4–5 दबंग भूमाफिया समूह ने उनकी सामुदायिक और कृषि भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। आरोप है कि ये कब्जाधारी इन जमीनों को ठेके पर देकर करोड़ों रुपये की सब्जी खेती कर रहे हैं, जबकि असली हकदार परिवार दशकों से न्याय के लिए भटक रहे हैं।
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव और पक्षपात के आरोप लगे हैं। भूमि माप–सत्यापन में जुड़े लेखपाल नीरज सहित कुछ तहसील अधिकारियों पर “दबंगों के प्रभाव में काम करने” की आशंका जताई गई है।
गंगा में प्रदूषण—केमिकल व पोल्ट्री-वेस्ट बेहिसाब फेंका जा रहा
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि आसपास के कई पोल्ट्री फार्म गंदा पानी, रसायन और वेस्ट सीधे गंगा नदी में डाल रहे हैं। इससे नदी में प्रदूषण बढ़ रहा है और स्थानीय पर्यावरण को गंभीर हानि पहुंच रही है।
नामजद आरोपियों में कई दबंग और कथित राजनीतिक संरक्षण
दर्शाए गए प्रमुख आरोपियों में सुक्के उर्फ धनपाल, किरणपाल, नरेंद्र (सभी पुत्र करतार सिंह), नैन सिंह पुत्र हरप्रसाद, रिषीपाल पुत्र मोमराज तथा नरेंद्र सिंह शर्मा समेत अन्य लोग शामिल हैं। आजाद अधिकार सेना ने इन सभी पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की आशंका जताई है।
आजाद अधिकार सेना की मांगें—तत्काल FIR, भूमि-मुक्ति व सुरक्षा
संगठन ने मांग की है कि—
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BNS, SC/ST एक्ट और पर्यावरण अधिनियम के तहत तत्काल FIR हो,
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पूरी 1600+ बीघा जमीन कब्जा मुक्त कर पीड़ितों को वापस दिलाई जाए,
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गंगा प्रदूषण फैलाने वाले पोल्ट्री फार्म व केमिकलयुक्त खेती तुरंत बंद कराई जाए,
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दलित परिवारों को सुरक्षा मिले,
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लेखपाल नीरज व अन्य अधिकारियों की विभागीय जांच हो,
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मामले की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई जाए।
चेतावनी: 9 दिसंबर को बड़ा आंदोलन
देवेंद्र सिंह राणा ने स्पष्ट कहा है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो 9 दिसंबर 2025, सुबह 11 बजे मेरठ DM ऑफिस पर सैकड़ों दलित परिवार धरना–प्रदर्शन कर आमरण अनशन शुरू करेंगे। शिकायत की प्रति मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं संबंधित आयोगों को भेजी जा चुकी है।