प्रदेश में मिला पहला स्थान
नवंबर IGRS रैंकिंग में बरेली परिक्षेत्र प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में चार जिलों ने रिकॉर्ड जनसुनवाई निस्तारण कर नया भरोसा बनाया।
➡️ बरेली परिक्षेत्र ने IGRS जनसुनवाई रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
➡️ डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में चार जिलों की संयुक्त मेहनत सफल रही।
➡️ परिक्षेत्र के 87 थानों ने भी एक साथ पहला स्थान प्राप्त कर रिकॉर्ड बनाया।
➡️ समयबद्ध निस्तारण और मानवीय पुलिसिंग से जनता का भरोसा मजबूत हुआ।
➡️ उत्कृष्ट कार्य करने वाली IGRS टीम को प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार की घोषणा।
चार जिलों की एकजुट मेहनत ने परिक्षेत्र को प्रदेश में दिलाया सम्मान
जन माध्यम
बरेली परिक्षेत्र ने पूरे प्रदेश में मारी बाज़ी,जनसुनवाई में बना नंबर वन कभी आम आदमी की शिकायतें सरकारी दफ्तरों के गलियारों में गुम हो जाती थीं। फाइलें धूल खाती थीं और पीड़ित की उम्मीदें टूट जाती थीं। लेकिन बरेली परिक्षेत्र में तस्वीर बदल चुकी है, डीआईजी अजय कुमार साहनी, जिनके नेतृत्व ने पुलिस को फिर से जनता के सबसे करीब ला खड़ा किया है।
नवंबर की आईजीआरएस रैंकिंग में बरेली परिक्षेत्र ने पूरे उत्तर प्रदेश में ‘पहला स्थान’ हासिल करके यह साबित कर दिया कि सही इरादा, साफ नीयत और जनसरोकार वाली पुलिसिंग ही असली कानून व्यवस्था बनाती है। परिक्षेत्र के चारों जनपद बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहाँपुर ने जनशिकायत निस्तारण को केवल सरकारी काम नहीं, बल्कि जनसेवा माना। बदायूं, पीलीभीत और शाहजहाँपुर ने संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं परिक्षेत्र के कुल 87 थानों ने भी एक साथ पहला स्थान हासिल किया, जो उत्तर प्रदेश में शायद ही कभी देखने को मिला हो। यह उपलब्धि न केवल रैंकिंग है, बल्कि पुलिस जनता के बीच पुनर्जीवित होते भरोसे का प्रमाण है।डीआईजी साहनी का मॉडल कठोर अनुशासन मानवीय संवेदना है।डीआईजी का कठोर अनुशासन और जनता के प्रति गहरी संवेदना।
वे बार बार निर्देश देते हैं,
हर शिकायत सिर्फ कागज़ का टुकड़ा नहीं, वह किसी व्यक्ति का दर्द है,उसे प्राथमिकता दो। इसी सोच ने पूरे परिक्षेत्र में एक नई पुलिसिंग संस्कृति को जन्म दिया जहाँ शिकायतें लंबित नहीं होतीं, फोन नहीं टाले जाते, और पीड़ित को जवाब मिलता है समय पर, सम्मान के साथ। थानों की संयुक्त सफलता मेहनत की वह फसल जो पूरे प्रदेश में चमकी बरेली के 29 थाने, बदायूं के 22, पीलीभीत के 17, और शाहजहाँपुर के 19 थाने सभी ने यह साबित कर दिया कि एक अच्छा नेतृत्व कैसे पूरी मशीनरी को नयी ऊर्जा दे सकता है।
यह उपलब्धि थानों की सूची नहीं, हर थाने के हर उस सिपाही की जीत है जिसने शिकायतकर्ता को अपना मानकर काम किया। ईमानदार कर्मियों का सम्मान,मनोबल को मिली नई उड़ान आईजीआरएस टीम की उपनिरीक्षक शालू, कंप्यूटर ऑपरेटर अमरेन्द्र कुमार,आरक्षी सलिल सक्सेना,को प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है। यह सम्मान सिर्फ तीन नामों का नहीं बल्कि उस प्रणाली का है जिसने काम को ‘कर्तव्य बनाकर दिखाया। डीआईजी साहनी ने साफ कहा है कि जहाँ निस्तारण कमजोर रहा, वहाँ समीक्षा होगी और सुधार भी। यही नेतृत्व की खूबसूरती है उपलब्धियों का गर्व भी और गलतियों का स्वीकार भी। आज बरेली परिक्षेत्र की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए मिसाल है। जब पुलिस जनता की आवाज़ सुनती है, तब जनता पुलिस पर भरोसा करती है। परिक्षेत्र का यह ‘पहला स्थान’ केवल रैंक नहीं,जनता की जीत है ,विश्वास की जीत है और एक सच्चे, ईमानदार अधिकारी की पहचान है।