बरेली में ट्रेड यूनियनों का प्रदर्शन, मजदूरों पर कार्रवाई के विरोध में गरजी आवाज

बरेली में ट्रेड यूनियनों ने नोएडा-मानेसर के मजदूरों पर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया, रिहाई और दमन रोकने की मांग

बरेली में ट्रेड यूनियनों का प्रदर्शन, मजदूरों पर कार्रवाई के विरोध में गरजी आवाज
HIGHLIGHTS:

ट्रेड यूनियनों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

मजदूरों की गिरफ्तारी के विरोध में उठी आवाज

राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

न्यूनतम वेतन और श्रमिक अधिकारों का मुद्दा उठा

हसीन दानिश
जन माध्यम

बरेली। देश के औद्योगिक इलाकों में मजदूरों पर हो रही कार्रवाई के खिलाफ बरेली की सड़कों पर गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार को ट्रेड यूनियंस फेडरेशन ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मजदूरों के समर्थन में हुंकार भरी।

नोएडा, मानेसर, फरीदाबाद और गुरुग्राम में चल रहे श्रमिक आंदोलनों और कथित दमन के खिलाफ एकजुट हुए श्रमिक संगठनों ने साफ कहा कि अब मजदूरों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।

फेडरेशन के अध्यक्ष मुकेश सक्सेना के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित दो ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे।

ज्ञापन में आंदोलनरत मजदूरों की तत्काल रिहाई और उनके खिलाफ कार्रवाई रोकने की मांग की गई।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज भी मजदूरों को न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान नहीं दिया जाता और 8 घंटे काम का कानून केवल कागजों में सिमट कर रह गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक सुरक्षा के अभाव और बढ़ती महंगाई ने मजदूर वर्ग की स्थिति को और कठिन बना दिया है।

महामंत्री संजीव मेहरोत्रा, डॉ. अंचल अहेरी, ध्यान चन्द्र मौर्य, गीता शांत, सलीम अहमद, फैसल, देव सिंह, कैलाश, मोहित देवल, के.पी. सिंह, राजेश तिवारी, टी.डी. भास्कर, यशपाल सिंह और राम सेवक सहित कई नेताओं ने एक स्वर में मजदूरों के अधिकारों की पैरवी की।

उन्होंने कहा कि मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

यह प्रदर्शन बरेली में मजदूरों के हक को लेकर बढ़ती जागरूकता और एकजुटता की तस्वीर पेश करता है।