झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्ती के निर्देश
मथुरा में जिलाधिकारी ने अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए अस्पतालों में व्यवस्थाएं सुधारने पर जोर दिया गया।
अपंजीकृत चिकित्सकों पर कार्रवाई के निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा की गई
अस्पतालों में सुविधाएं सुधारने पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई और फॉगिंग के निर्देश
श्याम बिहारी भार्गव। जन माध्यम
मथुरा। इलाज के नाम पर जब भरोसे से खिलवाड़ होता है तो सबसे बड़ा खतरा आम लोगों की जिंदगी पर आता है, और इसी खतरे को खत्म करने के लिए अब सख्ती की तैयारी शुरू हो गई है।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने अपंजीकृत और अप्रशिक्षित चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, पैथोलॉजी, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन, आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण और जन्म मृत्यु पंजीकरण जैसी योजनाएं शामिल रहीं।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने, फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में साफ सफाई बनाए रखने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।
अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल की सुविधा, गर्मी के मौसम में पंखों की उपलब्धता और आवश्यक चिकित्सीय उपकरण व दवाओं की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल और नवजात शिशुओं की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। साथ ही सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड समय पर बनाए जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ पूजा गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राधावल्लभ, सीएमएस नीरज अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।