बकायेदारों पर निगम का शिकंजा
नगर निगम का अल्टीमेटम, 108 डिफॉल्टरों पर कुर्की की तलवार, कार, फ्रिज, बैंक खाते से शुरू होगी वसूली, अंतिम मौका खत्म।
➡️ 108 बड़े बकायेदारों पर कुर्की की तलवार
➡️ कार, फ्रिज, टीवी, बैंक खाते पहले कुर्क होंगे
➡️ फिर घर, प्लॉट, दुकान की बारी
➡️ करोड़ों का संपत्ति कर बकाया
➡️ अंतिम चेतावनी, अब जमा करो या खो दो
➡️ चारों जोन में नीलामी की तैयारी शुरू
108 डिफॉल्टरों की चल अचल संपत्ति कुर्क की तैयारी
जन माध्यम
बरेली। नगर निगम ने शहर के बड़े संपत्ति कर बकायेदारों पर शिकंजा कसने की ठान ली है। चारों जोनों में ऐसे 108 भवन स्वामी चिन्हित किए गए हैं, जिन पर कई करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। वर्षों से नोटिस भेजने और बार-बार मौका देने के बावजूद भुगतान न होने पर अब निगम ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए चल और अचल संपत्ति की कुर्की की तैयारी शुरू कर दी है।
नगर आयुक्त संजीव मौर्य की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस के बाद बकायेदारों में हड़कंप मच गया है। नोटिस में साफ कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 25–26 में इन भवन स्वामियों को वाटर टैक्स, सीवर टैक्स और संपत्ति कर समेत सभी देयों का बिल भेजा गया था। भुगतान न करने पर धारा 506 के तहत मांग नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं की गई।
अब निगम ने नगर निगम अधिनियम 1959 की धाराओं 507, 508, 509, 510 और 513 के तहत कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार, पुलिस बल की मौजूदगी में बकायेदारों की चल संपत्ति जैसे मोटर कार, फ्रिज, एसी, कूलर, फर्नीचर, टीवी, अन्य घरेलू सामान और बैंक खाते को कुर्क किया जाएगा। यदि चल संपत्ति से भी बकाया वसूली नहीं हो पाई, तो अगला कदम अचल संपत्ति की कुर्की होगा,जो धारा 512 के तहत किया जाएगा। चारों जोनों के जोनल अधिकारी और कर अधीक्षक मिलकर कुर्की,नीलामी की कार्रवाई को अंजाम देंगे। हालांकि कार्रवाई शुरू होने से पहले नगर आयुक्त ने बकायेदारों को आखिरी मौका भी दिया है। यदि वे बकाया राशि और प्रकाशन शुल्क जमा कर देते हैं, तो उनके खिलाफ कुर्की नहीं की जाएगी।नगर निगम की इस सख्त तैयारी के बाद शहर में चर्चाओं का दौर तेज है। वर्षों से राजस्व हानि झेल रहे नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार कोई ढील नहीं दी जाएगी या तो कर जमा करें, वरना कुर्की के लिए तैयार रहें।