मीरगंज की आशिया बनी अंशिका

मीरगंज की मुस्लिम युवती ने हिंदू धर्म अपनाकर प्रेमी से विवाह किया, परिजनों से खतरे के चलते डीएम से सुरक्षा मांगी।

मीरगंज की आशिया बनी अंशिका
HIGHLIGHTS:

➡️ मुस्लिम युवती ने स्वेच्छा से अपनाया हिंदू धर्म
➡️ आशिया से बदला नाम, अब बनी अंशिका
➡️ अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक रीति से विवाह
➡️ परिजनों से जान का खतरा बताकर डीएम से सुरक्षा की मांग
➡️ मामला मीरगंज क्षेत्र में चर्चा का विषय

कर्ण पाल सिंह/ जन माध्यम
मीरगंज (बरेली)।
मीरगंज क्षेत्र से एक अंतरधार्मिक प्रेम कहानी सामने आई है, जहाँ मुस्लिम युवती ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाकर अपने प्रेमी से विवाह रचा लिया। विवाह से पूर्व युवती ने शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद उसका नाम आशिया से बदलकर अंशिका रखा गया। शुक्रवार को अंशिका ने अपने प्रेमी मोनू के साथ मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए।

जानकारी के अनुसार, दोनों की पहली मुलाकात करीब पांच वर्ष पूर्व एक स्थानीय मेले में हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदली और फिर यह रिश्ता प्रेम में परिवर्तित हो गया। युवती ने बताया कि उसकी बहन की शादी मोनू के गांव पीपलसाना (भोजीपुरा) में हुई है। बहन के घर आने-जाने के दौरान ही मेले में मोनू से उसकी मुलाकात हुई थी, जो समय के साथ गहरी होती चली गई।

अंशिका का कहना है कि जब उसने अपने परिजनों को इस संबंध की जानकारी दी तो धर्म अलग होने का हवाला देते हुए विरोध किया गया। आरोप है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिसके चलते उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर विवाह करने का निर्णय लिया।

अगस्त्य मुनि आश्रम में संपन्न हुए इस विवाह में पंडित के.के. शंखधार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी धार्मिक रस्में संपन्न कराईं। विवाह के दौरान मोनू ने अंशिका की मांग में सिंदूर भरा, मंगलसूत्र पहनाया और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। इसके बाद अंशिका ने सनातन परंपरा के अनुसार बिछिया सहित अन्य सुहाग चिन्ह धारण किए। इस अवसर पर आश्रम परिसर में सीमित संख्या में लोग उपस्थित रहे।

पंडित के.के. शंखधार ने बताया कि युवती बालिग है और उसने पूरी तरह अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया है। विवाह सभी धार्मिक विधि-विधान और परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया।

विवाह के बाद अंशिका ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र सौंपते हुए अपने परिजनों से जान का खतरा बताया और सुरक्षा की मांग की। उसने स्पष्ट किया कि धर्म परिवर्तन और विवाह का निर्णय उसने बिना किसी दबाव के, पूरी स्वेच्छा से लिया है। प्रशासन से सुरक्षा की गुहार के बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।