भारत ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के 2 साल पूरे किए: ISRO ने नए मिशन का किया ऐलान

चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के दो साल पूरे होने पर ISRO ने नया उन्नत चंद्र मिशन LEM-Next घोषित किया, जो चंद्र सतह की गहराई और खनिज अध्ययन पर केंद्रित होगा।

भारत ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के 2 साल पूरे किए: ISRO ने नए मिशन का किया ऐलान
भारत ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के 2 साल पूरे किए: ISRO ने नए मिशन का किया ऐलान
HIGHLIGHTS:

➡️ चंद्रयान-3 की सफल चंद्र लैंडिंग के 2 वर्ष पूरे
➡️ ISRO ने उन्नत चंद्र मिशन LEM-Next का ऐलान किया
➡️ मिशन में अधिक सक्षम रोवर और लंबी अवधि वाला लैंडर
➡️ चंद्र सतह की गहराई, बर्फ व खनिज संरचना की मैपिंग होगी
➡️ पीएम ने वैज्ञानिकों को बधाई दी, इसे "अगला निर्णायक कदम" बताया

डेस्क/ जन माध्यम

नई दिल्ली।
भारत के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखने वाले चंद्रयान-3 की सफल चंद्र लैंडिंग को आज पूरे दो वर्ष हो गए। 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरकर भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का नया परिचय दिया था। इस ऐतिहासिक दिन की दूसरी वर्षगांठ पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और बड़ा ऐलान किया है, जिसने वैज्ञानिक समुदाय और आम जनता, दोनों में उत्साह भर दिया है।

ISRO ने जानकारी दी है कि चंद्रयान-3 की सफलता से मिली तकनीकी सीख को आधार बनाकर अब भारत एक उन्नत चंद्र मिशन की तैयारी कर रहा है। संगठन ने अगले चरण के रूप में ‘लूनर एक्सप्लोरेशन मिशन-Next’ (LEM-Next) का ऐलान किया है, जो चंद्रमा की सतह की गहराई, बर्फ की परतों और खनिज संरचना की विस्तृत मैपिंग पर केंद्रित होगा। इस मिशन में पहले से अधिक सक्षम रोवर, उन्नत सेंसर और लंबी अवधि तक काम करने वाला लैंडर शामिल होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, नया मिशन चंद्रयान-3 की तकनीकी मजबूती—जैसे ‘विक्रम’ लैंडर की सॉफ्ट-लैंडिंग क्षमता और ‘प्रज्ञान’ रोवर की सतह परीक्षण तकनीक—को और आगे ले जाएगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे न सिर्फ चंद्रमा को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि भविष्य में मानव मिशनों का रास्ता भी तैयार होगा।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि चंद्रयान-3 की उपलब्धि ने देश को आत्मनिर्भर और उन्नत तकनीकी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने ISRO के नए मिशन को भारत की अंतरिक्ष यात्रा का "अगला निर्णायक कदम" बताया।

चांद पर भारत का झंडा लहराने के दो साल बाद देश एक बार फिर नई उड़ान भरने को तैयार है। वैज्ञानिकों का दावा है कि आने वाले वर्षों में भारत चंद्र अनुसंधान में नई ऊंचाइयाँ छूने वाला है।