गोली खुद ही मारी…अदालत से बचने के लिए रची फिल्मी साजिश, पुलिस ने किया पर्दाफाश
1. डॉक्टर और वार्डबॉय भी निकले महिला की साजिश में शामिल
2. कोर्ट में चल रहे केस से बचने के लिए रची थी ड्रामा स्क्रिप्ट
बरेली। अगर आप सोचते हैं कि फिल्मी कहानियों जैसी साजिशें सिर्फ पर्दे तक ही सीमित हैं, तो ज़रा ठहरिए। शहर की कोतवाली पुलिस ने एक ऐसी चौंकाने वाली साजिश का खुलासा किया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। एक महिला ने कोर्ट में चल रहे केस से बचने और खुद को पीड़िता दिखाने के लिए अपने ही शरीर में गोली प्लांट करा ली – और वो भी डॉक्टर और वार्डबॉय की मदद से।
मामला है 29 मार्च 2025 का जब वीर सावरकर नगर रोड निवासी सोनू उर्फ शमोली कौशिक ने थाने में हड़कंप मचा दिया। उसने पुलिस को सूचना दी कि 5 अज्ञात लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया और फिर गोली मार दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। महिला को जिला अस्पताल भिजवाया और गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
लेकिन पुलिस को कुछ गोलमाल लगा...पुलिस की टीम ने मौके का मुआयना किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मेडिकल रिपोर्ट चेक की तो कहानी में बड़े-बड़े छेद नजर आए। महिला के शरीर में लगी गोली की इंजरी, असली फायरिंग जैसी बिल्कुल नहीं थी। जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की तो महिला की कहानी की परतें खुलने लगीं। और फिर जो निकला... वो था दिमाग हिला देने वाला खुलासा। महिला ने कबूल किया कि सब कुछ उसका खुद का प्लान था। उसने जिला अस्पताल के वार्डबॉय रोहताश से संपर्क किया। जिसने उसे 32 बोर की गोली और दो खोखे दिए। फिर डॉक्टर शराफत खां से सौदा तय हुआ – सिर्फ 2500 रुपये में उसने महिला के शरीर को सुन्न कर गोली प्लांट कर दी। इसके बाद महिला ने ड्रामा रचते हुए गैंगरेप और गोली मारने की झूठी कहानी गढ़ी। जांच में ये भी सामने आया कि यही महिला 2022 में भी गैंगरेप का फर्जी केस दर्ज करवा चुकी है, जिसकी अगली सुनवाई 25 अप्रैल 2025 को होनी है। यानी अदालत से बचने के लिए ये पूरा नाटक रचा गया था। पुलिस ने शरीर से निकाली गई 32 बोर की गोली, खोखा कारतूस, महिला के कपड़े, घटनास्थल से बरामद चप्पल की एक जोड़ी जैसे जुटाए ठोस सबूत जुटाए हैं।
खुलासा करने वाली टीम में सीओ फर्स्ट पंकज श्रीवास्तव, शहर कोतवाल अमित पाण्डेय, एसओजी प्रभारी देवेन्द्र सिंह धामा, उपनिरीक्षक सुरेश चन्द्र शामिल रहे।
"मेडिकल जांच में गोली के घाव वाले स्थान के आसपास बारूद का कोई अंश नहीं मिला। जांच के दौरान सामने आया कि महिला ने झोलाछाप शराफत खां से ऑपरेशन कराकर गोली रखवाई थी। उसने एक जनप्रतिनिधि और उसके बेटे को फंसाने का षडयंत्र रचा था।"
मानुष पारीक, एसपी सिटी।