बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के विरोध में विहिप–बजरंग दल का प्रदर्शन
बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू दास की हत्या के विरोध में सेंथल में विहिप और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की।
➡️ बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू दास की निर्मम हत्या का विरोध
➡️ सेंथल में विहिप–बजरंग दल का जोरदार प्रदर्शन
➡️ पुतला दहन कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
➡️ हत्या को मानवता पर धब्बा बताया
➡️ भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय मंच पर मामला उठाने की अपील
➡️ हिंदुओं पर अत्याचार बंद होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान
➡️ बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद
सरफराज़ खान/ जन माध्यम। सेंथल।
बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू दास की निर्मम हत्या के विरोध में बुधवार को विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में पुतला दहन कर नारेबाजी की और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में आक्रोश और रोष का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर विहिप के जिला मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में लगातार हिंदू समाज को निशाना बनाकर की जा रही हिंसक घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने दीपू दास की नृशंस हत्या को मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की केवल निंदा ही नहीं, बल्कि दोषियों को सख्त सजा दिलाना भी जरूरी है।
वक्ताओं ने भारत सरकार से मांग की कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से उठाए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए, ताकि वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पूरी तरह बंद नहीं होते और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रमुख रूप से विहिप जिला अध्यक्ष बाबूराम गंगवार, जिला मंत्री अविनाश मिश्रा, कृष्ण औतार, सुरेश शर्मा, नगर अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, प्रखंड अध्यक्ष नंदकिशोर गंगवार, प्रेम गंगवार, सुंदर सिंह, राजा महाजन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में न्याय की मांग की।