गंभीर मुकदमे का आरोपी थाने में पुलिस संग खेलता दिखा वॉलीबॉल
बरेली के बहेड़ी थाने में गंभीर मुकदमे का आरोपी पुलिस कर्मियों के साथ वॉलीबॉल खेलता दिखा। वायरल तस्वीरों से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
➡️ गंभीर मुकदमे का आरोपी थाने के अंदर खेलता दिखा
➡️ पुलिस कर्मियों के साथ वॉलीबॉल खेलते वायरल तस्वीरें
➡️ सोशल मीडिया पर बहेड़ी पुलिस की भूमिका पर सवाल
➡️ आरोपी पर जानलेवा हमले और फायरिंग का मुकदमा दर्ज
➡️ अवैध खनन से जुड़े होने के भी गंभीर आरोप
मुम्ताज अली । जन माध्यम
बरेली (बहेड़ी)। बरेली जिले की बहेड़ी कोतवाली से जुड़ा एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। एक संगीन आपराधिक मुकदमे का आरोपी थाने के भीतर पुलिस कर्मियों के साथ वॉलीबॉल खेलता हुआ नजर आ रहा है। वायरल हो रही तस्वीरों के बाद बहेड़ी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और आम लोग खुलकर नाराजगी जता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार थाना बहेड़ी में क्राइम नंबर 22/2026, दिनांक 7 जनवरी 2026 को प्रशांत शर्मा निवासी केशवपुरम की तहरीर पर सूर्या कुर्मी समेत अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। तहरीर में आरोप लगाया गया कि खनन से जुड़े लोगों ने एक राय होकर प्रार्थी को घेर लिया, असलहा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी, गाली-गलौज की और बेरहमी से मारपीट की। आरोप यह भी है कि जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई, हालांकि संयोगवश प्रार्थी की जान बच गई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस से त्वरित और सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन आरोप है कि गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई। इसका नतीजा यह रहा कि आरोपी सूर्या कुर्मी खुलेआम घूमता रहा और उसका हौसला इतना बढ़ गया कि वह थाने के अंदर ही पुलिस कर्मियों के साथ वॉलीबॉल खेलता नजर आया। यही तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल होकर पुलिस और आरोपी के कथित नजदीकी रिश्तों की ओर इशारा कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आमतौर पर गंभीर मामलों में पुलिस तत्काल सख्ती दिखाती है, लेकिन इस प्रकरण में उल्टा नज़ारा सामने आया। आरोपी को कानून के डर से बेखौफ होकर थाने में खेलते देख लोगों में रोष है और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि आरोपी सूर्या कुर्मी लंबे समय से अवैध खनन गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। आरोप हैं कि रात के अंधेरे में भारी वाहनों के जरिए मिट्टी का अवैध खनन खुलेआम होता है, लेकिन संबंधित विभाग और पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने से बचते रहे हैं। गंभीर मुकदमे के बावजूद आरोपी की सक्रियता और पुलिस से कथित मेलजोल ने पूरे मामले को और भी संदेह के घेरे में ला दिया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पूरे प्रकरण में प्रशासन के आला अधिकारी क्या रुख अपनाते हैं। क्या निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा—इस सवाल का जवाब आने वाला वक्त देगा।