बरेली में बालों के थोक व्यापारी के साथ दिल दहला देने वाली घटना

बरेली के नवाबगंज क्षेत्र में थोक बाल व्यापारी को फोन पर सौदे के बहाने बुलाकर बदमाशों ने 35 किलो बाल लूट लिए। मारपीट कर आरोपी फरार हो गए, पुलिस जांच में जुटी।

बरेली में बालों के थोक व्यापारी के साथ दिल दहला देने वाली घटना
HIGHLIGHTS:

➡️ फोन पर थोक सौदे का झांसा देकर व्यापारी को बुलाया गया
➡️ 35 किलो बाल, कीमत तीन लाख से अधिक, बदमाश ले उड़े
➡️ 8–10 बदमाशों ने लाठियों से की बेरहमी से मारपीट
➡️ व्यापारियों में दहशत, एसएसपी से की गई न्याय की मांग

हसीन दानिश । जनमाध्यम 
 बरेली।
जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गेला टांडा निवासी थोक बाल विक्रेता उमेश कुमार (पुत्र श्री प्रेम बहादुर) के साथ 21 जनवरी बुधवार शाम एक क्रूर और सुनियोजित लूट की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। बदमाशों ने फोन पर थोक में बाल खरीदने का लालच देकर व्यापारी को फंसाया और फिर 35 किलो बाल (लगभग 3 लाख रुपये से अधिक मूल्य के) छीनकर मारपीट कर फरार हो गए।

उमेश कुमार, जो वर्षों से बालों का थोक व्यापार कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने पुलिस को दिए अपने आवेदन में बताया कि 21 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर (9084557835) से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को थोक में बाल खरीदने वाला बताया और बड़े पैमाने पर माल लेने की बात की। बातचीत के दौरान दोनों के बीच 35 किलो बाल का सौदा 8800 रुपये प्रति किलो के हिसाब से तय हुआ, यानी कुल करीब 3 लाख 8 हजार रुपये का सौदा।

बदमाश ने उमेश को फरीदपुर थाना क्षेत्र के भूरे खां गौटिया इलाके में माल लेकर आने को कहा। उमेश अपने साथियों संजीव वर्मा, प्रेम बहादुर वर्मा के साथ 35 किलो बाल लेकर शाम करीब 8 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। बदमाश ने दूसरा नंबर (5753070137) से लोकेशन भेजी और कहा कि चौराहे के पास जाकर दिए नंबर पर कॉल कर माल सौंप दें और पैसे ले लें।

जैसे ही उमेश लोकेशन पर पहुंचे, एक अज्ञात व्यक्ति कार से उतरा और बालों का बौरा (गट्ठर) देखने मांगा। जैसे ही उमेश ने कार से बौरा निकालकर दिखाया, तभी उसी कार और आसपास से 8-10 बदमाश झपट पड़े। उन्होंने उमेश और उनके साथियों को घेर लिया। जब उमेश ने बौरा देने से इनकार किया तो बदमाशों ने लाठियों-डंडों से जमकर मारपीट की। मारपीट में घायल उमेश और उनके साथी बेहाल हो गए। बदमाश बौरा छीनकर मौके से फरार हो गए।

इस घटना ने न सिर्फ उमेश परिवार को आर्थिक रूप से तोड़ा है, बल्कि उनके मन में इतना डर बैठ गया है कि वे अब अकेले व्यापार करने से कतराने लगे हैं। उमेश ने बताया, "हम मेहनत-मजदूरी से कमाते हैं, छोटे-मोटे व्यापार से परिवार चलाते हैं। बदमाशों ने हमारी पूरी कमाई छीन ली। अब घर चलाने का भी संकट है।"

घटना के बाद उमेश ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बरेली को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इलाके के व्यापारियों में आक्रोश है और वे ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

क्या बरेली पुलिस बदमाशों तक पहुंच पाएगी और उमेश को उनकी मेहनत की कमाई वापस दिला पाएगी? यह सवाल अब हर किसी के जेहन में है। ऐसी घटनाएं छोटे व्यापारियों के विश्वास को तोड़ रही हैं और अपराधियों को हौसला दे रही हैं। प्रशासन से अपील है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए।